अजमेर जिले की ग्राम पंचायत काला नाडा के पूर्व सरपंच (प्रशासक) देवकरण के साथ मारपीट और लूट के मामले में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीण और परिजन जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने एसपी को ज्ञापन सौंपा और एफआईआर में नामजद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की। परिजनों का कहना है कि मारपीट की पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है, जिसमें 2 से 3 बदमाश उनके साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। यह मामला 30 जून का है। पुलिस ने अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। आरोपी खुलेआम कह रहे हैं, “पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती, क्योंकि हमारी पहुंच बहुत बड़े अधिकारियों तक है।” अपहरण कर बेरहमी से पीटा, सोने के जेवर और 2.50 लाख रुपये लूटे पीड़ित देवकरण के भाई रामलाल (पुत्र रतनाराम) ने बताया- मेरा भाई वर्तमान में काला नाडा ग्राम पंचायत में प्रशासक के पद पर कार्यरत है। बीती 30 जून 2026 को गांव के ही कुछ रसूखदार बदमाशों ने देवकरण का अपहरण कर लिया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। बदमाश देवकरण से सोने की एक चेन, सोने की 2 अंगूठियां, मोबाइल फोन और ₹2,50,000 (ढाई लाख रुपए) नकद लूटकर फरार हो गए। इस संबंध में अरांई थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। सीसीटीवी में कैद हुई दरिंदगी, फिर भी पुलिस सुस्त परिजनों का आरोप है कि बदमाशों द्वारा देवकरण के साथ मारपीट करने और उन्हें घर में घसीटने की पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में साफ तौर पर रिकॉर्ड हुई है। इस पुख्ता सबूत के बावजूद अरांई थाना पुलिस ने अब तक केवल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य नामजद आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। मुकदमा वापस लेने का दबाव, रसूख की दे रहे धमकियां ज्ञापन में परिजनों ने बताया- फरार आरोपी लगातार पीड़ित परिवार का पीछा कर रहे हैं और उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। आरोपी पीड़ित परिवार पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। वे सरेआम यह दावा कर रहे हैं कि पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती, क्योंकि हमारी पहुंच बहुत बड़े अधिकारियों तक है।" इस रसूख और धमकियों के कारण पीड़ित परिवार गहरे खौफ में जीने को मजबूर है। ग्रामीणों ने एसपी से मांग की है कि सभी नामजद आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। पूरे परिवार को खत्म करने की धमकियां दी जा रही आरोप है कि मुकदमा वापस नहीं लेने पर जान से मारने और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकियां दी जा रही हैं। ज्ञापन में बताया गया कि देवकरण का भीलवाड़ा के अस्पताल में उपचार चल रहा है। परिजनों ने सभी नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, लूटे गए सोने के आभूषण और 2.50 लाख रुपए नकद बरामद कर वापस दिलाने तथा परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।