ग्रेटर नोएडा में 6 साल के बच्चे आव्यान की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। शनिवार शाम वह घर के बाहर क्रिकेट खेल रहा था। खेलते-खेलते गड्‌ढे के पास पहुंच गया। आसपास कीचड़ होने की वजह से फिसलकर गड्‌ढे में गिर गया। साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया। आसपास के लोग भागकर आए। जैसे-तैसे आव्यान को बाहर निकाला। अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आव्यान के पिता शिवान यादव केंद्रीय विद्यालय में वाइस प्रिंसिपल हैं। रो-रोकर पूछ रहे हैं- मेरे मासूम बच्चे का क्या कसूर था। आखिर किसी और की गलती का खामियाजा हम लोगों को क्यों भुगतना पड़ रहा है। आव्यान की मां बेहोश है। वह बीच-बीच में होश में आती हैं तो कह रही हैं- मुझे भी अब नहीं जीना। घटना नॉलेज पार्क-2 इलाके की पॉश सोसायटी कलाधाम में शाम 6:30 बजे की है। कॉलोनी के जिस गड्ढे में गिरकर आव्यान की मौत हुई। उसे ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने बोरिंग के लिए खुदवाया था। करीब 15 फीट गहरे गड्ढे में बारिश का पानी भर गया था। लापरवाही ऐसी थी कि कॉलोनी में होने के बावजूद गड्ढे में बैरिकेडिंग नहीं की गई थी। हर बार की तरह इस बार भी बच्चे की मौत के बाद अफसरों की नींद टूटी। अथॉरिटी ने ठेकेदार मनोज जैन, संविदा कर्मी सुपरवाइजर जॉनी और टेक्निकल सुपरवाइजर आकाश के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। उनकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं। गड्‌ढे के चारों तरफ बैरिकेडिंग कराई। पुलिस ने ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे की 5 तस्वीरें- दोस्तों के साथ पार्क के पास खेलने गया था कलाधाम सोसाइटी के रहने वाले प्रांजल ने बताया- मेरे घर के सामने ही आव्यान का परिवार रहता है। शाम साढ़े 6 बजे वह दोस्तों के साथ घर से 100 मीटर दूर ओपन एरिया में खेल रहा था। मैं घर के बाहर अपनी गाड़ी धो रहा था। अचानक एक बच्चा भागते हुए मेरे पास आया। बोला कि लकड़ी उठाते-उठाते उसका दोस्त गड्‌ढे में डूब गया। मेरी कुछ समझ में नहीं आया। फिर मैं उसके पीछे-पीछे भागा। अपने साथ 2 और लोगों को भी ले गया। वहां पहुंचे तो बच्चे का जूता पड़ा था। बच्चे को अस्पताल ले गए, डॉक्टर बचा नहीं पाए प्रांजल ने बताया- मैंने एक बड़ी पाइप गड्‌ढे में डाली और पकड़कर खड़ा हो गया। 2 लोग पाइप के सहारे पानी में उतरे। 5 से 10 मिनट में बच्चे को खोज निकाला। उसे बाहर लेकर आए। परिजन को सूचना दी। बच्चे को तुरंत अस्पताल ले गए। डॉक्टर्स ने पूरी कोशिश की, लेकिन बच्चे को बचा नहीं पाए। पिता बोले- मेरा बच्चा चला गया, उसने किसी का क्या बिगाड़ा था आव्यान के पिता शिवान ने कहा- मैं शाम को घर पहुंचा। बस बैठा ही था कि मुझे कॉलोनी के लोगों से खबर मिली। दुख इस बात का है कि एक अच्छी सोसाइटी में रहने के बाद भी हमें भुगतना पड़ रहा है। अथॉरिटी की लापरवाही हम पर भारी पड़ रही है। हमने क्या गलती की थी? मेरा बच्चा चला गया, उसने किसी का क्या बिगाड़ा था? उन्होंने कहा- इतना बड़ा गड्ढा है, कोई बैरिकेडिंग नहीं की गई थी, कोई चेतावनी बोर्ड नहीं था। मेरा बच्चा उस दलदल में कब डूबा, कैसे डूबा, समझ नहीं आया। न उसे बचने का मौका मिला और न ही किसी को उसे बचाने का मौका मिला। 6 साल का बच्चा, क्या कसूर था उसका? इस भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दीजिए- सोसाइटी में रहने वाले लोगों ने क्या कहा? पढ़िए ठेकेदार, सुपरवाइजर समेत 3 पर FIR नोएडा ऑथरिटी के जीएम एके सिंह का कहना है- मामले में घोर लापरवाही देखने को मिली है। गड्ढा खोदने के बाद बैरिकेडिंग नहीं कराई गई थी। जबकि, नियम है कि अगर आप गड्ढा खोदते हैं तो पहले से ही आपको चारों तरफ से उसकी बैरिकेडिंग करनी होती है। ठेकेदार, सुपरवाइजर और टेक्निकल सुपरवाइजर पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। ठेकेदार गिरफ्तार, जेल भेजा गया डीसीपी ग्रेटर नोएडा रवि शंकर निम का कहना है- बच्चे को अस्पताल ले जाने के बाद परिजनों ने डायल-112 को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। परिजनों की तहरीर पर तत्काल मामला दर्ज किया गया। ठेकेदार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ----------------------- यह खबर भी पढ़ें… 'लोग VIDEO बनाते रहे, इंजीनियर बेटा मर गया':नोएडा में पिता बोले- 80 बचावकर्मी आए, कोई पानी में नहीं उतरा ‘हेल्प मी…मदद करो... ये कहते हुए बेटा चीख रहा था। लोग VIDEO बना रहे थे, बचाने के लिए कोई कुछ नहीं कर रहा था। मैंने उन्हें डांटा। फिर भी कोशिश नहीं हुईं। मेरा बेटा तो खामखाह ही मर गया।’ ये दर्द है नोएडा के इंजीनियर युवराज के पिता राजकुमार मेहता का...। पिता ने अपनी आंखों के सामने अपने बेटे युवराज को कार के साथ डूबते हुए देखा। 16 जनवरी की रात एक्सीडेंट और रेस्क्यू में हुई लापरवाही कहानी पिता राजकुमार से सुनते हैं। पढ़िए