अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को डकैत जगन गुर्जर की हत्या हो गई। आरोपी विष्णु ने अधिकारियों से कहा कि जगन उसका मजाक उड़ाता था। उसकी बहन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करता था। इसलिए उसने उसकी हत्या कर दी। अब तक की जांच में सामने आया है कि मर्डर से पहले दोनों ने साथ में खाना खाया था। इसके बाद लूडो भी खेला था। जगन के मर्डर के बाद विष्णु करीब तीन घंटे तक उसकी बॉडी के पास ही आराम करता रहा। वहीं, जगन की हत्या के कारण को लेकर अब भी कई आशंका हैं। इनमें एक आशंका ये भी है कि जगन गुर्जर की हत्या 15 साल पुरानी जेल गैंगवार की रंजिश का बदला हो सकती है। दरअसल, भरतपुर की सेवर जेल में साल 2011 में जगन गुर्जर और कुछ कैदियों में झगड़ा हुआ था। उसके साथ मारपीट भी की गई थी। बाद में जगन गैंग के मेंबर्स ने उन कैदियों के परिवारों को धमकाया था। इस रिपोर्ट में पढ़िए- जेल में हुई मामूली मारपीट का जगन गुर्जर के हत्याकांड से कनेक्शन क्यों जुड़ता दिख रहा है? साल 2011 में जगन गुर्जर के वकील रहे भरतपुर के उदयवीर कसाना ने बताया कि जगन गुर्जर ने 1 फरवरी, 2009 को पुलिस के समक्ष बिना शर्त आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद उसे भरतपुर की सेवर जेल में भेजा गया था, जहां बंद रहने के दौरान 6 मई 2011 में उसे जेल अधिकारियों और दो कैदियों ने मिलकर पीटा था। कोर्ट में जगन ने आरोप लगाया था कि जेलर सतीश शर्मा ने उससे पैसे मांगे थे। जब उसने रकम देने से इनकार कर दिया तो तीन पुलिसकर्मियों ओम प्रकाश, जगदीश, भोले और दो कैदियों भगवान और रामदास ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी थी। जगन के परिवार ने भी लगाए आरोप एडवोकेट उदयवीर ने बताया कि हालांकि इस घटना में शामिल रहे दो कैदियों भगवान और रामदास का विष्णु सिंह के एक ही जाति से होने के अलावा क्या संबंध है? इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं हैं। ये दोनों कैदी शायद हिंडौन (करौली) के थे और तब आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। वहीं, भास्कर पड़ताल में सामने आया है कि विष्णु सिंह पूर्व में भरतपुर जिले और अब डीग जिले के अजान गांव का रहने वाला है। दावा है कि उस समय जिन कैदियों से जगन और पप्पू की लड़ाई हुई थी उनका विष्णु से भी संबंध है। जगन ने कोर्ट में बताया था कि हिंडौन क्षेत्र के जिन कैदियों के साथ उसकी लड़ाई हुई थी, उनकी अजान गांव में रिश्तेदारी है। वहीं, उसकी हत्या करने वाला विष्णु भी भरतपुर के अजान गांव की ही रहने वाला है। इसलिए जगन के परिवार का आरोप है कि हत्या का कारण सेवर जेल में हुआ विवाद ही है। जगन गुर्जर हत्याकांड में पुलिस की अब तक की थ्योरी कुछ समय पहले शुरू हुई थी जुबानी जंग: जेल में बंद अन्य कैदियों से हुई पूछताछ में सामने आया है कि जगन गुर्जन और विष्णु का पहले कोई विवाद होगा, इस कारण से दोनों में बनती नहीं थी। विष्णु उम्र में कम है, इसलिए वह जगन गुर्जर की बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता था। कुछ समय से दोनों के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई थी। बात हाथापाई तक पहुंच रही थी। पहले इंजेक्शन लगवाया, फिर लूडो खेला: 29 जून की सुबह करीब 11 बजे दोनों ने साथ बैठकर खाना खाया। इसके बाद दोनों ने मिलकर अपनी सेल की सफाई की। इसके बाद पैर की तकलीफ के चलते जगन गुर्जर इंजेक्शन लगवाने गया। कुछ देर बाद लौटकर आया तो दोनों ने सेल के अंदर बैठकर लूडो खेलना शुरू कर दिया। अचानक जगन पर हमला कर दिया: करीब 12 बजे लूडो खेलते समय विष्णु ने कहा- मुझे दवा लेनी है। वह जगन के पीछे टंगी थैली के पास गया। इसी दौरान उसने वहां रखा तौलिया उठाया और पीछे से अचानक जगन का गला कस दिया। जब तक जगन संभल पाता, उसकी सांसें थम चुकी थीं। हत्या के बाद विष्णु ने वारदात में इस्तेमाल किया गया तौलिया ऊपर चल रहे पंखे पर फेंक दिया और शव से कुछ दूरी पर जाकर आराम से लेट गया। करीब 3 घंटे शव के पास ही लेटा रहा विष्णु: सोमवार दोपहर 3 बजे सेल खुलने तक किसी को हत्या की भनक तक नहीं लगी। दोपहर 3 बजे जब रोजाना की तरह सेल खोली गई तो ब्लॉक के अन्य बंदी बाहर निकलने लगे। इसी दौरान विष्णु भी मुस्कुराते हुए सेल से बाहर निकला, जबकि जगन अपनी जगह लेटा था। कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो जगन गुर्जर बेसुध पड़ा मिला। सीनियर अधिकारियों और डॉक्टरों को बुलाया गया। जांच के बाद डॉक्टर ने जगन को मृत घोषित कर दिया। जगन के भाई का वार्ड और ब्लॉक बदला जगन गुर्जर का सगा भाई पप्पू गुर्जर भी इसी हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है। वह वार्ड नंबर-2 के ब्लॉक नंबर-1 की सेल नंबर-6 में रखा गया था। घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर उसका वार्ड और ब्लॉक बदल दिया गया। दोनों भाइयों को कभी-कभार ही मिलने दिया जाता था। -----
जगन हत्याकांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. पहला डाकू जिसकी संसद में उठी थी एनकाउंटर की मांग:दर्जनों मर्डर करने वाला 3 रुपए के लिए झगड़ पड़ा पिता पंडित और खुद कभी दूध बेचने वाले कुख्यात डाकू जगन गुर्जर की कहानी का अंत 29 जून को अजमेर जेल में हो गया। जगन देश का पहला ऐसा डाकू था, जिसके एनकाउंटर की मांग देश की संसद में उठाई गई थी। पढ़िए पूरी खबर… 2. बहन पर टिप्पणियां करता था जगन, इसलिए मार डाला:मुस्कुराते हुए सेल से बाहर निकला हत्यारा विष्णु; मर्डर से पहले साथ बैठकर खाना खाया प्रदेश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सोमवार को उस वक्त सवालों के घेरे में आ गई, जब जेल के अंदर बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की उसी की सेल में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पढ़ें पूरी खबर... 3. अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या:कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा, साथ में लूडो खेला था अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को डकैत जगन गुर्जर की हत्या हो गई। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। पढ़ें पूरी खबर…