अजमेर के जेएलएन अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कैजुअल्टी गेट के ऊपर लगा प्लास्टर और फॉल्स सीलिंग अचानक भरभराकर नीचे गिर गए। इसकी चपेट में आने से अस्पताल की महिला सुरक्षा गार्ड सुमन के सिर पर मामूली चोट लगी है। गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां से कोई मरीज या तीमारदार नहीं गुजर रहा था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। पहाड़गंज निवासी महिला गार्ड सुमन इमरजेंसी के भीतर से मरीजों के परिजनों को बाहर निकाल रही थी। उसी दौरान यह हादसा हुआ। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल स्टाफ ने तत्काल घायल गार्ड का प्राथमिक उपचार किया, जिसके बाद उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। सूत्रों की मानें तो बीते एक साल में अस्पताल प्रशासन भवन के रखरखाव और मरम्मत के लिए PWD को 4 करोड़ रुपए अधिक का बजट जारी कर चुका है। इसके बावजूद घटिया निर्माण और लापरवाही के चलते प्लास्टर गिरने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने बताया- कैजुअल्टी गेट के ऊपर PWD ने कुछ दिन पहले ही मरम्मत का काम कराया था। शुक्रवार को उसी हिस्से के पास का प्लास्टर ढह गया। अस्पताल भवन में जहां-जहां मरम्मत की दरकार है, उसके लिए PWD को बार-बार पत्र लिखा जा चुका है। कैजुअल्टी ऐसा संवेदनशील इलाका है, जहां 24 घंटे मरीजों और परिजनों की आवाजाही बनी रहती है। घटना के बाद PWD को फिर से नोटिस जारी कर तुरंत मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में अस्पताल की जर्जर होती स्थिति और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मरीजों का कहना है कि समय रहते प्रभावी मरम्मत नहीं हुई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।