अजमेर के एक निर्माणधीन मकान में 11 केवी लाइन की चपेट में आने से युवक की मौत हो गई। इस मामले में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर परिजनों को मुआवजा देने व कानूनी कार्रवाई की मांग की है। युवक की मौत के मामले में ग्रामीणों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए ठेकेदार और मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज कराया है। अजमेर के ग्राम गनाहेड़ा स्थित एक निर्माणाधीन मकान में आरसीसी छत डालने का कार्य चल रहा था। काम शुरू होने से पहले मजदूरों ने मकान के पास से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन और सुरक्षा उपकरणों की कमी को लेकर ठेकेदार नरेंद्र तथा मकान मालिक भूपेंद्र नाग से आपत्ति जताई थी। आरोप है कि दोनों ने बिजली लाइन बंद कराने और सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, लेकिन ऐसा नहीं किया। ठेकेदार और मकान मालिक पर लापरवाही का आरोप शाम करीब 4 बजे काम के दौरान मृतक यासीन पुत्र मोहम्मद इकबाल लोहे की सरियों पर काम कर रहा था, तभी वह 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आ गया। गंभीर हालत में उसे पहले पुष्कर के सरकारी अस्पताल और बाद में जेएलएन अस्पताल, अजमेर रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के चाचा अब्बास की रिपोर्ट पर पुलिस थाना पुष्कर में ठेकेदार नरेंद्र और मकान मालिक भूपेंद्र नाग के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अब इस मामले में परिजनों ने मुआवजा दिलाने व कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध किया और धरना जारी है। ग्रामीणों ने मांगे पूरी नहीं होने तक शव लेने से इनकार किया है।