अजमेर जिले में भू-सर्वेक्षण विभाग की ओर सर्वे में कईं किसानों की जमीन कम कर दी तो कइयों की जमीन सरकारी खाते में दिखा दी। वहीं किसी की किस्म बदल दी तो किसी की जमीन किसी अन्य किसान के नाम कर दी। इन गड़बड़ियों को दुरस्त करने की मांग को लेकर रामपुरा डाबला के ग्रामीण अजमेर पहुंचे। ग्रामीणों ने अजमेर कलेक्टर व सम्भागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। किसान सावरलाल, भागचन्द, कैलाश, गोपाल आदि ने ज्ञापन में बताया- गांव के कईं किसानों की कृषि आराजी भूमि को कम कर दिया गया है। कई किसानों के खेतों को सरकारी भूमि दिखा दिया गया। कईं खातेदारों के एक ही खसरे को टुकड़ों में बांट दिया गया है। कइयों के खसरों को बड़ा या छोटा कर दिया गया है। जिससे किसानों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय बाद सही हुए रिकॉर्ड में गड़बड़ी की कई खातेदारों के नाम दर्ज भूमि पड़ोसी खातेदारो के नाम दर्ज कर दी गई है। लंबे समय बाद किसानों का रिकार्ड सही हुआ था। उसको नए सर्वेक्षण से पूरी तरह त्रुटिपूर्ण कर दिया गया है। कई किसानो के भूमि की किस्म भी बदल दी गई है। नवीन सर्वेक्षण में बिना किसी सूचना के पर्चा वितरण तथा पर्चा वितरण के पश्चात आपति निस्तारण में भी किसी भी किसान को मौके पर नहीं बुलाया गया। किसानों को बिना बताए पूरी की प्रक्रिया अपनी मनमानी करते हुए इस पूरी प्रक्रिया में किसानों को बिना अवगत कराए पूरी लापरवाही बरती गई। भू सर्वेक्षण की इस प्रक्रिया से किसानों में भारी रोष व्याप्त है और किसानों में आपसी झगड़ों की संभावना भी बढ़ेगी। इसलिए सर्वेक्षण की समीक्षा कराकर इसे निरस्त करवाया जाए या पुनः सर्वेक्षण करवाकर किसानों की इस समस्या का समाधान कराया जाए।