अजमेर रोड स्थित सतपुलिया के पास शुक्रवार देर रात करंट की चपेट में आकर ठेकाकर्मी टीकम माली (26) की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद माली समाज में भारी रोष व्याप्त है। समाज के लोगों ने मृतक का पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया है और स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शनिवार को माली समाज के लोग बड़ी संख्या में मोर्चरी के बाहर एकत्रित होकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार समझाइश की जा रही है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। जानकारी के अनुसार जयपुर से जिनियस कम्पनी के प्रबंधक व अन्य स्टाफ के ब्यावर पहुंचने की सूचना भी मिली है, जिससे मामले के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है। प्रदर्शन कर रहे समाज के लोगों ने मृतक के परिवार के लिए एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी अथवा डेयरी बूथ का आवंटन तथा इस घटना के लिए जिम्मेदार कनिष्ठ अभियंता व सहायक अभियंता के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग रखी है। गौरतलब है कि मृतक टीकम अपने परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था। उसका विवाह करीब 8-9 माह पूर्व ही हुआ था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। पिता ई-रिक्शा चलाकर किसी तरह घर का खर्च चलाते हैं, जबकि छोटा भाई चाय की थड़ी लगाकर आजीविका में सहयोग करता है। ऐसे में टीकम की मौत से परिवार पर गहरा संकट आ खड़ा हुआ है। प्रशासन और समाज के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता का दौर जारी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई सहमति नहीं बन पाई थी। ऐसे हुआ हादसा शुक्रवार शाम करीब पांच बजे आई तेज आंधी, तूफान, ओलावृष्टि और बारिश से शहर में कई स्थानों पर विद्युत पोल टूट गए और तार क्षतिग्रस्त हो गए थे। इन खराबियों को ठीक करने के लिए विद्युत विभाग ने ठेकेदार के माध्यम से बंद पड़ी लाइनों को चालू कराने के निर्देश दिए थे।
इसी क्रम में अवकाश पर चल रहे ठेकाकर्मी टीकम माली को भी कार्य पर बुलाया गया। रात करीब साढ़े आठ बजे टीकम सातपुलिया के पास द्वारकाधीश गार्डन के बाहर लगे विद्युत पोल पर चढ़कर टूटे तारों को ठीक कर रहा था। इसी दौरान ग्रिड स्टेशन से बिना सूचना के विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी गई, जिससे वह करंट की चपेट में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद बिजली की आपूर्ति बंद करवाई गई और युवक को पोल से नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही माली समाज में भारी रोष व्याप्त हो गया। बड़ी संख्या में समाज के लोग अस्पताल के बाहर एकत्रित होकर प्रदर्शन करने लगे। परिजनों ने विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। आक्रोशित लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों—कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता—के खिलाफ मामला दर्ज करने की भी मांग उठाई है। संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाने के कारण लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।