नगर निगम अजमेर चुनाव के नतीजों के बाद अब बोर्ड गठन और मेयर पद को लेकर सियासी जोड़-तोड़ तेज हो गई है। 80 वार्डों में कांग्रेस को 37, भाजपा को 32 और निर्दलीयों को 11 सीटों पर जीत मिली है। बहुमत के लिए 41 पार्षदों की जरूरत है। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों की नजर निर्दलीयों पर है। कांग्रेस के आज 36 पार्षदों ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में शपथ ली। वार्ड 65 से पार्षद नौरत गुर्जर मतदान के दिन ही शपथ ले चुका था। वहीं एक निर्दलीय पार्षद ने भी कांग्रेस को समर्थन दिया है। इस तरह अब तक कांग्रेस के समर्थन में 38 पार्षद हो गए हैं। पहले चरण में शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जैपाल के नेतृत्व में 18 पार्षदों को अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय में शपथ दिलाई गई। इसके बाद दोपहर 4 बजे दूसरे चरण में 19 और पार्षदों ने शपथ ली। 2 साल के बेटे को गोद में लेकर शपथ लेने पहुंचीं पार्षद शपथ समारोह के दौरान वार्ड 23 से कांग्रेस पार्षद नीलम सियोता अपने 2 साल के बेटे को गोद में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं। बेटे को गोद में लेकर उन्होंने पार्षद पद की शपथ ली। महिला पार्षदों की बड़ी संख्या के बीच यह नजारा कलेक्ट्रेट परिसर में चर्चा का विषय रहा। जयपाल बोले- सभी 11 निर्दलीय हमारे साथ, कांग्रेस का ही बनेगा मेयर शपथ के बाद शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने दावा किया कि सभी 11 निर्दलीय पार्षद कांग्रेस के साथ हैं। उन्होंने कहा कि निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनेगा और मेयर भी कांग्रेस का ही होगा। जयपाल ने भाजपा के बहुमत के दावे पर कहा कि भाजपा के पास 32 सीटें हैं, ऐसे में उसके बहुमत के दावे गलत हैं और वह अपनी झेंप मिटाने की कोशिश कर रही है। जयपाल ने पार्टी के अंदर किसी तरह के मतभेद से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा है। शपथ के बाद फिर बाड़ेबंदी में रवाना हुए पार्षद शपथ ग्रहण के बाद कांग्रेस के सभी पार्षदों को वाहनों से वापस बाड़ेबंदी स्थल के लिए रवाना कर दिया गया। बोर्ड गठन से पहले कांग्रेस अपने पार्षदों को एकजुट रखने में जुटी है। वहीं निर्दलीय पार्षदों के समर्थन को लेकर दोनों दलों के बीच दावों का दौर जारी है। पार्टी से नाराज होकर निर्दलीय जीते पार्षद ने कांग्रेस को दिया समर्थन इस दौरान वार्ड 53 से निर्दलीय चुनाव जीतने वाले पार्षद भी कांग्रेस के शपथ समारोह में नजर आए। पार्टी से नाराज होकर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत के बाद कांग्रेस को खुलकर समर्थन देने की बात कही है। वे कांग्रेस पार्षदों के साथ शपथ समारोह में भी मौजूद रहे। ऐसे में कांग्रेस के 37 पार्षदों के साथ निर्दलीयों के समर्थन का दावा बोर्ड गठन के समीकरण को रोचक बना रहा है। वोटिंग-काउंटिंग के बाद पहली बार नजर आए विजय जैन कांग्रेस में चुनाव के दौरान और नतीजों के बाद सामने आई अंदरूनी खींचतान के बीच पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन भी शपथ समारोह में दिखाई दिए। वोटिंग और काउंटिंग के बाद सार्वजनिक तौर पर नजर आए जैन ने पार्टी में एकजुटता का संदेश दिया। जैन ने कहा कि परिवार में आपसी मामला होता रहता है, लेकिन कांग्रेस ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि शहर में भाजपा का 36 साल से कुशासन रहा है। --- ये खबर भी पढ़ें… अजमेर में 4 वोट से जीता कांग्रेस पार्षद:निलंबित ASI की पत्नी मीनाक्षी मीणा भी बनी पार्षद; 80 पार्षदों की प्रोफाइल अजमेर नगर निगम चुनाव की मतगणना पूरी होने के साथ 80 वार्डों में पार्षदों की तस्वीर साफ हो गई है। कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है। भाजपा को 32 और निर्दलीयों को 11 सीटें मिलीं। इन नतीजों में सियासत के साथ कई दिलचस्प चेहरे और किस्से भी सामने आए हैं। देवनानी के वार्ड-4 की हॉट सीट पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आईं मोनिका जैन जीतीं (पूरी खबर पढ़ें)