फैक्ट्री से घर लौट रहे 32 साल के मैकेनिक की सड़क हादसे में मौत हो गई। ग्रामीणों ने हादसे के बाद शव उठाने से मना कर दिया और युवक के आश्रितों के लिए मुआवजे की मांग की। इसके अलावा फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से क्षतिग्रस्त सड़क की सुध नहीं लेने का आरोप लगाया। हादसा अजमेर जिले के पीसांगन थाना क्षेत्र का है। हादसे के विरोध में ग्रामीणों ने रास मांगलियावास हाईवे पर लंबा जाम लग दिया। सूचना पर पीसांगन थानाधिकारी सरोज चौधरी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। करीब 2 घंटे की समझाइश के बाद शव को उठाया गया। सड़क पर पड़े बड़े-बड़े गड्डों के कारण बिगड़ा बैलेंस पीसांगन थाना क्षेत्र के शिवपुरा निवासी मैकेनिक देवेंद्र सिंह रावत (32) रास स्थित सीमेंट फैक्ट्री में काम करते थे। काम के बाद रात को बाइक से अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में करनोस के रतनगढ़ रोड़ पर स्थित जाखण माता मंदिर के समीप रास मांगलियावास हाईवे पर सड़क पर पड़े बड़े-बड़े गड्डों के कारण बाइक का बैलेंस बिगड़ गया और नीचे गिर गए। उनकी मौत हो गई। हादसे की सूचना पर मृतक के परिजनों के अलावा शिवपुरा और करनोस समेत आस-पास के गांवों के कई ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन पर क्षतिग्रस्त हो चुकी सड़क की सुध नहीं लेने का आरोप लगाते हुए विरोध जताते हुए शव उठाने से मना कर दिया। फैक्ट्री प्रबंधन को मौके पर बुलाने और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा राशि दिलाने की मांग की। समझाइश के बाद उठाया शव इस दौरान सड़क के दोनों और करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। मामले की सूचना पर थानाधिकारी सरोज चौधरी, एएसआई सुरेंद्र कुमार, कानाराम घासल, बीट अधिकारी जगदीश मीणा व पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक देवेंद्र सिंह रावत के पिता फतेह सिंह रावत और परिजनों समेत ग्रामीणों से समझाइश शुरू की। आखिरकार दो-ढाई घंटे बाद में मामला शांत हुआ। बाद में मृतक के शव को पीसांगन अस्पताल पहुंचाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।