अजमेर शहर मे एक नाबालिग छात्रा के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने आशंका जताई है कि अज्ञात व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। पुलिस के अनुसार, छात्रा 30 मार्च 2026 को अपने ननिहाल क्षेत्र से बिना बताए कहीं चली गई थी। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) और जेजे एक्ट की धारा 84 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छात्रा के पास मौजूद मोबाइल नंबर के आधार पर भी पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। जल्द ही छात्रा का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बुजुर्ग के इलाज के नाम पर 4.39 लाख की ठगी कोतवाली थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग के साथ इलाज के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित को झांसे में लेकर एक कथित डॉक्टर ने ‘सिंघी थैरेपी’ के जरिए 4 लाख 39 हजार रुपए ऐंठ लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, ब्रह्मपुरी निवासी 62 साल के हरिराम किशनचंद मूलचंदानी ने रिपोर्ट देकर बताया- 26 मार्च को तोपदड़ा कार पार्किंग के बाहर युवक मिला, जिसने खुद को यश बताया। यश ने घुटनों के दर्द का आसान इलाज कराने का भरोसा दिलाया और अपनी मां और एक डॉक्टर से संपर्क करवाया। बीमा क्लेम दिलाने का झांसा इसके बाद महिला ने फोन पर कथित डॉक्टर समीर जरीवाला के बारे में जानकारी दी। डॉक्टर ने खुद को मुंबई का बताते हुए जयपुर से अजमेर आने की बात कही और घर पर ही इलाज करने का प्रस्ताव दिया। 27 मार्च को आरोपी पीड़ित के घर पहुंचा और ‘सिंघी’ लगाकर खून और मवाद निकालने का उपचार शुरू किया। बीमा क्लेम दिलाने का झांसा शुरुआत में एक सिंघी के 6 हजार रुपए बताए गए। बाद में बीमा क्लेम दिलाने का झांसा देकर इलाज जारी रखा गया। इस दौरान आरोपी ने 73 बार सिंघी लगाई और कुल 4 लाख 39 हजार रुपए नकद वसूल लिए। पीड़ित को बाद में ठगी का अहसास हुआ तो उसने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।