कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा - दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे बच्चों ने कोई अपराध नहीं किया था, उनकी बात भी नहीं सुनी गई। मारपीट से हाथ-पैर टूट गए, सैंकड़ों बच्चे अस्पतालों में भर्ती है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे कोई आतंकवादी नहीं थे, फिर भी उन्हें सड़क पर घसीटा गया। अब सवाल पूछने वालों पर केस दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है। देश में पेपर लीक हो रहे हैं, युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है, ऐसे में वे आखिर किसके पास जाकर रोएं। पायलट ने ये बातें बुधवार को दौसा दौरे के दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के भांडारेज इंटरचेंज पर बातचीत में कहीं। इससे पहले मीणा सीमला और मानपुर गांव में पहुंचकर कार्यकर्ताओं के निधन पर शोक जताया। 'सरकार युवाओं के सपने तोड़ रही है' सचिन पायलट ने कहा - पिछले दो दिनों में केंद्र सरकार का जो रवैया देखने को मिला है, उससे लगता है कि सरकार लाखों-करोड़ों युवाओं के सपनों को बर्बाद करने का काम कर रही है। घमंड और आक्रामक राजनीति का परिचय दे रही है। कांग्रेस शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक मदद और भविष्य की परीक्षाओं की व्यवस्था पर जवाब मांग रही है, लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही। 'राहुल-खड़गे आतंकवादी नहीं थे' पायलट ने कहा -लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे प्रधानमंत्री आवास के सामने लोक कल्याण मार्ग पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। वे कोई आतंकवादी नहीं थे, फिर भी उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को सड़क पर घसीटा गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला और दमन का परिचय है। 'बच्चों पर मुकदमे वापस लिए जाएं' पायलट ने कहा- प्रदर्शन कर रहे बच्चों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए। सैकड़ों बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं और कई वेंटिलेटर पर हैं। उनके साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात देखकर कोई भी संवेदनशील व्यक्ति घर नहीं बैठ सकता। 'धरना देना अधिकार, सरकार जिद छोड़े' पायलट ने कहा कि धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, जिसे कोई नहीं छीन सकता। अब सवाल पूछने वालों पर केस दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है। सरकार को अपनी जिद छोड़कर बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। ट्यूशन और कोचिंग माफिया की जेब में लोगों के खरबों रुपए जा रहे हैं, नौकरियां नहीं मिल रही हैं और पेपर लीक हो रहे हैं। सरकार अब संसद में चर्चा को तैयार हुई है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक कांग्रेस की मांग पूरी नहीं मानी जाएगी। --- जयपुर में प्रदर्शन की ये खबर भी पढ़ें … जयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाई:कांग्रेस कार्यालय घेराव करने निकले थे, पुलिस से धक्का-मुक्की; बैरिकेड्स पर चढ़े प्रदर्शनकारी जयपुर में कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने निकले भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की हो गई। भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पूरी खबर पढ़िए