अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल में डॉक्टर्स ने 18 साल के स्टूडेंट के बाएं पैर से बंदूक की गोली के 12 छर्रे सफल ऑपरेशन करके निकाले। कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग में करीब 9 घंटे तक सफल ऑपरेशन चला। गोली लगने के बाद स्टूडेंट का हार्ट भी बंद हो गया था, जिसे डॉक्टर ने सीपीआर देकर बचाया। हालांकि, अब पूरी तरह से स्वस्थ है। दरअसल, 11 अप्रैल की रात को किशनगढ़ निवासी 18 साल के रेहान की गोली लगने से बाएं पैर की जांघ पर सूजन आ गई थी। इस दौरान उसके पैर की तीन नसें भी फट गई थी। दूसरे दिन 12 अप्रैल को अल सुबह 3:20 बजे परिजनों ने घायल हालत में रेहान को जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां सफल ऑपरेशन के बाद शुक्रवार को उसे छुट्टी दे दी गई है। हाल में रेहान ने 12वीं कक्षा पास कर कॉलेज में दाखिला किया है। शुक्रवार को इसकी जानकारी जेएलएन हॉस्पिटल के प्रिंसिपल डॉ.अनिल सामरिया, अधीक्षक डॉ.अरविंद खरे और उपाध्यक्ष डॉ.अमित यादव की ओर से दी गई। देखिए, ये PHOTO'S स्टूडेंट को देना पड़ा था सीपीआर प्रिंसिपल डॉ.अनिल सामरिया ने बताया कि 12 अप्रैल को किशनगढ़ निवासी 18 साल के रेहान को परिजन जेएलएन अस्पताल में लेकर पहुंचे थे। जिसके लेफ्ट पैर पर गोली लगी हुई थी। युवक का बहुत खून बह चुका था। तुरंत CTVS डिपार्टमेंट के डॉ. तेजकरण सैनी की ओर से अपनी देखरेख में लिया गया। अलग-अलग विभागों की टीम ने रेहान को अटेंड किया था। इस दौरान उसे एक बार बीच में CPR तक देना पड़ गया था। 14 अप्रैल को उसे ओटी में लिया गया, जहां करीब 9 घंटे तक उसकी सर्जरी की गई। अब वह बिल्कुल ठीक है, जिसे आज अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। 3 नसें फटने से हुआ हार्ट बंद और बीपी कम डॉ. तेजकरण सैनी ने बताया कि वह एकदम घबराया हुआ था। गोली लगने से उसके लेफ्ट पैर के पीछे की तीन नसें फट गई थी। रेगुलर खून निकल रहा था और पैर में सूजन गई थी। इस दौरान बीपी बिल्कुल कम हो गया था, जबकि हीमोग्लोबिन हाई हो गया था। अगर तुरंत इसे ठीक नहीं करते तो उसकी जान भी जा सकती थी। डॉ. सैनी ने बताया कि अगर 24 घंटे के अंदर पैर ठीक नहीं करते तो वह काटना पड़ता। इसी बीच बच्चे का हार्ट तक बंद हो गया था। सीपीआर देकर वापस शुरू किया गया। बाद में बच्चा जब नॉर्मल हुआ तो उसकी 9 घंटे तक सर्जरी कई गई। उसकी तीनों नसों को ऑपरेशन के जरिए फिर से ठीक कर दिया गया है। खेत में जंगली सूअर से हड़कंप मचा, बंदूक गिरने से गोली चली किशनगढ़ के गांव खतौली में रहने वाले रेहान ने बताया कि वह अपने गांव में खेत की रखवाली कर रहा था। तभी खेत में कुछ हलचल हुई। जंगली सूअर खेत में घुस गए थे। अपने आप को बचाने के लिए पास में बनी कोटड़ी के तरफ भागा, तभी कोटड़ी के बाहर टंगी हुई बंदूक नीचे गिर गई। जहां बंदूक चलने से गोली उसके बाएं पैर पर आकर लग गई। आनन फानन में परिजनों ने उसे तुरंत जेएलएन हॉस्पिटल पहुंचाया।