झुंझुनूं बाईपास का अलाइनमेंट बदलने के नाम पर 33 लाख घूस लेने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। भास्कर पड़ताल में आया कि अलाइनमेंट फाइनल होने से पहले ही लीक हो गया था। इसका फायदा उठाकर भू-माफिया ने बाईपास के पास 8 हजार बीघा जमीन खरीद ली। इन सबका नामांतरण भी हो चुका है। सीकर-झुंझुनूं रोड यानी एनएच-8 से झुंझुनूं-चिड़ावा यानी एनएच-11 को जोड़ने के लिए प्रस्तावित 22 किमी लंबे इस बाईपास के आसपास के गांवों में सड़क के पास की जमीन का बाजार भाव 1 करोड़ रुपए प्रति बीघा से ऊपर है। यदि इसे 50 लाख रुपए भी मानें तो भी खरीदी गई जमीन की कीमत 4 हजार करोड़ से ज्यादा होती है। जमीन खरीद-फरोख्त का खेल 10 जुलाई 2024 को बजट में बाईपास की घोषणा होने के एक माह बाद ही शुरू हो गया था। 25 अप्रैल 2025 को गजट नोटिफिकेशन के बाद तेजी आई। हैरानी की बात यह है कि उन खसरों में भी खरीद हुई, जिनसे सड़क बनना प्रस्तावित है। नियमों के अनुसार नोटिफिकेशन जारी होने के बाद जमीन का खरीद-बेचान और नामांतरण नहीं हो सकता। इन खसरों में उन खेतों को खरीदा गया, जिनके बीच में से बाईपास निकलना है, ताकि सड़क बनने के बाद दोनों तरफ की जमीन रोड के किनारे आ जाए। ऐसी करीब 1 हजार बीघा जमीन की खरीद हुई। इसके अलावा 7 हजार बीघा जमीन प्रस्तावित बाईपास के खसरों के आसपास खरीदी गई। ये जमीनें भी लिंक रोड के जरिए बाईपास से जुड़ जाएंगी और इनकी लोकेशन प्राइम हो जाएगी। भास्कर इनसाइट - PWD एक्सईएन और कंसल्टेंट ने खरीदी 867 बीघा भूमि एक्सईएन राकेश कुमार ने खरीदी 419.5 बीघा जमीन बाईपास का अलाइनमेंट बदलने के नाम पर 33 लाख रुपए की घूस लेने के मामले में एसीबी की गिरफ्त में आए झुंझुनूं पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राकेश कुमार ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम 419.5 बीघा जमीन खरीदी। रिश्तेदार दिनेश के नाम जय पहाड़ी में जुलाई-25 में 16 बीघा और अगस्त-25 में 56 बीघा जमीन खरीदी। जय पहाड़ी में ही जून-25 में 28 बीघा और बगड़ में अक्टूबर-25 में 22 व दिसंबर-25 में 8 बीघा जमीन ली। बाकरा गांव में जून-25 में 7 बीघा, इसी गांव में नवंबर-25 में 13 व 12.7 बीघा और फरवरी-26 में 19 बीघा जमीन ली। कुलोद खुर्द में फरवरी-25 में 40 बीघा और जुलाई-25 में 34.8 बीघा जमीन खरीदी। काली पहाड़ी में जुलाई-25 में 136.7 व 26.3 बीघा जमीन का सौदा किया। झुंझुनूं इंजीनियर्स के याकूब ने ली 447.4 बीघा जमीन पीड़ित से 33 लाख रुपए की घूस लेने वाले झुंझुनूं बाईपास की डीपीआर तैयार कर रही कंपनी ‘झुंझुनूं इंजीनियर्स’ के डायरेक्टर याकूब अली ने 447.4 बीघा जमीन खरीदी। बेटे जहीर खान के नाम बगड़ में मई-25 में 8 बीघा जमीन ली। इसके बाद बगड़ में ही जुलाई-25 में 8.8 बीघा और 8 बीघा जमीन और ली। राजीव नगर में फरवरी-25 में 17.1 बीघा, जुलाई-25 में 21 बीघा, सितंबर-25 में 13.3 बीघा, अक्टूबर-25 में 2.8 बीघा और दिसंबर-25 में 13.3 बीघा जमीन खरीदी। रघुनाथपुरा में फरवरी-26 में 16.7 बीघा जमीन ली। उदावास में अगस्त-25 में 76 बीघा, जनवरी-25 में 51 बीघा, फरवरी-25 में 46 बीघा और जुलाई-25 में 16 बीघा जमीन खरीदी। बाकरा में नवंबर-25 में 12.7 बीघा जमीन ली। अलाइनमेंट मेरे आने से पहले तय हो चुका था “अलाइनमेंट लीक होने के बारे में मुझे पता नहीं है। मैं इस तरह की चीजों को देखता नहीं हूं। मेरे आने से पहले ही बाईपास का अलाइनमेंट तय हो चुका था।” -सतीश गुप्ता, एसई, पीडब्ल्यूडी, झुंझुनूं