अलवर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंगनाबाड़ी कार्यकर्ताओं का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। करीब 400 कार्यकर्ता जिला सचिवालय पहुंचीं और मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने "कलेक्टर दीदी हाय-हाय" और "कलेक्टर मैडम हाय-हाय" के नारे लगाए। उनका कहना था कि वे अपना मांगपत्र केवल जिला कलेक्टर को ही सौंपेंगी और कलेक्टर स्वयं बाहर आकर ज्ञापन लें। सोमवार को दी थी आंदोलन की चेतावनी महिलाओं का कहना था कि सोमवार को भी सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता सचिवालय पहुंची थीं। उस समय भी वे कलेक्टर को ज्ञापन देने की मांग पर अड़ी रहीं, लेकिन कलेक्टर दूसरे गेट से निकल गईं। इसके बाद वे बिना ज्ञापन दिए लौट गईं। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि कलेक्टर उनसे नहीं मिलेंगी तो बुधवार को बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कलेक्टर की बजाय एडीएम से मुलाकात कराई इसी चेतावनी के तहत बुधवार को फिर बड़ी संख्या में महिलाएं सचिवालय पहुंचीं। करीब डेढ़ घंटे तक धरना-प्रदर्शन चलता रहा। इसके बाद प्रशासन की ओर से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को कलेक्टर से मिलवाने की बात कहकर अंदर ले जाया गया। हालांकि वहां कलेक्टर की बजाय एडीएम से मुलाकात कराई गई। महिलाओं का आरोप है कि एडीएम ने उनसे कहा कि "कलेक्टर की भी एक गरिमा होती है, वह आपसे नहीं मिल सकतीं।" यह सुनकर पांचों महिलाएं बाहर लौट आईं और विरोध जताते हुए अपना मांगपत्र सचिवालय के मुख्य गेट पर ही चस्पा कर दिया। प्रदर्शन के दौरान उमसभरी गर्मी के बावजूद महिलाएं डटी रहीं। कई कार्यकर्ता अपने साथ हाथ के पंखे (बीजना) लेकर आई थीं और धरने के दौरान खुद को हवा करती नजर आईं। गेट तक नहीं आईं कलेक्टर आंगनबाड़ी महिला नेता लतेश शर्मा ने कहा कि "आज तो उनका प्रोटोकॉल है, हमारा कोई प्रोटोकॉल नहीं है। हमें कई बार चार बजे का मैसेज आता है कि प्रताप ऑडिटोरियम पहुंचें। हमारी ड्यूटी कुछ भी हो, हमें जाना पड़ता है, क्योंकि कलेक्टर विभाग को आदेश देती हैं और विभाग हमें कहता है कि नहीं आए तो पांच दिन का वेतन काट दिया जाएगा। इसलिए हम तुरंत पहुंच जाते हैं। लेकिन आज कलेक्टर हमारे लिए गेट तक नहीं आ सकतीं और हमसे मिल भी नहीं सकतीं। अभी भी हम ड्यूटी पर हैं, बस फर्क इतना है कि आज हम कलेक्टर के गेट पर ड्यूटी दे रहे हैं।" महिलाओं ने कहा कि जिस तरह घर या कार्यालय में अधिकारी नोटिस चस्पा कर देते हैं, उसी तरह हम भी अपना ज्ञापन सचिवालय के गेट पर चस्पा करके जा रहे हैं। सुनवाई नहीं हुई तो वन मंत्री से मिलेंगीं आंदोलनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो गुरुवार को वन राज्य मंत्री संजय शर्मा के आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।