अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित स्टेशन रोड पर एक बीयर बार संचालक को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना 28 अगस्त 2025 की बताई जा रही है, लेकिन पुलिस द्वारा लंबे समय तक मामला दर्ज नहीं करने पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। इसके बाद इस्तगासे के जरिए अब मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित मोहन ने बताया कि वह अपने कैफे में 28 अगस्त की रात करीब 12 बजे ऑफिस में बैठा था। तभी उसे आवाज आई—डॉ. रवि का केस वापस ले लो, वरना जान से मार दिए जाओगे।” जब वह बाहर आया तो कोई नजर नहीं आया, लेकिन सीसीटीवी फुटेज देखने पर एक नकाबपोश व्यक्ति दिखाई दिया, जिसके हाथ में पिस्टल थी और वह धमकी देता नजर आया। मोहन ने आरोप लगाया कि उसने वर्ष 2022 और 2024 में डॉ. रवि यादव, उनकी पत्नी इंदु यादव और पवन गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज कर रखे हैं, जो अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। उसका कहना है कि इन मामलों को वापस लेने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है और पहले भी कई बार उसे धमकाया जा चुका है। पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2019 में पवन गुप्ता उसका बार में पार्टनर था। उसी दौरान पैसों के लेन-देन में उसने पवन के कहने पर डॉ. रवि यादव को करीब 23 लाख रुपये दिए थे, जिसमें कुछ रकम बैंक खातों में ट्रांसफर की गई और कुछ नगद दी गई। बाद में जब उसने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने देने से इनकार कर दिया। इस संबंध में दिए गए चेक भी बाउंस हो गए, जिसके बाद उसने कानूनी कार्रवाई शुरू की। मोहन का आरोप है कि आरोपी पक्ष लगातार उसे धमकाता रहा है। उसने यह भी कहा कि इंदु यादव आबकारी विभाग में अधिकारी होने के कारण अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर उसे डराने-धमकाने का काम कर रही है। पीड़ित का कहना है कि तीनों आरोपियों ने मिलकर ही बदमाश को भेजा, जिसने बार में आकर पिस्टल दिखाते हुए केस वापस लेने की धमकी दी। मोहन ने बताया कि घटना के बाद वह सीसीटीवी फुटेज लेकर कोतवाली थाने पहुंचा, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। उसने पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय में इस्तगासा दायर किया।