लगातार लापरवाही और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना के चलते एसीजेएम कोर्ट ने अब यूआईटी और नगर निगम की संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए हैं। इससे पहले कोर्ट ने कलेक्टर कार्यालय व उनकी कार को कुर्क करने के आदेश दिए थे। मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता तरुण सैनी ने बताया कि यूआईटी मामले में खांचा भूमि सुंदरलाल सैनी को देने के आदेश पूर्व में जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद करीब ढाई साल तक यूआईटी यह कहती रही कि संबंधित डॉक्यूमेंट नगर निगम को सौंप दिए गए हैं। आरोप है कि न्यायालय ने 1207 खसरा नंबर को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकारियों ने 674 और 676 खसरा नंबर की रिपोर्ट दर्ज कराकर न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास किया। मामले में न्यायालय ने जिला कलेक्टर अर्तिका शुक्ला को भी कई बार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं नगर निगम की ओर से भी मामले में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। लगातार लापरवाही और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना को गंभीर मानते हुए ACJM न्यायालय ने अब यूआईटी और नगर निगम की संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी कर दिए हैं। यह मामला खांचा भूमि आवंटन नहीं करने का है।