अलवर में केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई तीन जिलों की समीक्षा बैठक में जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर के लिए कुर्सी नहीं लगाई गई। इसे लेकर अब अलवर चौरासी जाट महासभा ने विरोध जताया है। उन्होंने मामले में कलेक्टर आर्तिका शुक्ला को तुरंत प्रभाव से हटाने की मांग की है। महासभा ने कहा कि दो दिन बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास भी मौजूद थे। कलेक्टर के खिलाफ प्रदर्शन की दी चेतावनी चौरासी जाट महासभा के अध्यक्ष बेगराज चौधरी ने बताया कि बैठक में जिला प्रमुख के लिए कुर्सी नहीं लगाई गई थी। जबकि अन्य जन प्रतिनिधि और अधिकारियों के लिए व्यवस्था थी। उन्होंने कहा कि मंत्री भूपेंद्र यादव के कहने पर ही जिला प्रमुख को बैठक में शामिल किया गया था। समाज ने इसे जिले के प्रथम नागरिक का अपमान बताते हुए विरोध जताया है। महासभा ने चेतावनी दी है कि 15 मई को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान कलेक्टर के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। समाज के सदस्य शेर सिंह गंडूरा ने कहा कि इस घटना का असर आने वाले चुनाव में भी देखने को मिल सकता है। बहरोड़ विधायक की खाली कुर्सी पर बैठना पड़ा था दरअसल, रविवार को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास भी मौजूद थे। बैठक के दौरान जिला प्रमुख के लिए कुर्सी नहीं होने पर उन्हें बाहर इंतजार करने के लिए कहा गया था। इसके बाद मंत्री ने उन्हें दरवाजे पर खड़ा देखकर बैठक में बुलाया था। तब वे जिला प्रमुख को बहरोड़ विधायक जसवंत यादव की खाली सीट पर बैठना पड़ा।