अलवर की जिला एवं सत्र (डीजे) कोर्ट ने वर्ष 2016 में चुनावी रंजिश में हुई अवतार सिंह की हत्या के मामले में अलवर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह समेत 9 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने 22 गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया। सजा पाने वालों में इंद्रजीत सिंह, अनूप सिंह, कमलजीत सिंह, गुरवचन सिंह, जसपाल सिंह, कुलवंत सिंह, अमन सिंह, हरविंदर सिंह और विश्वेंद्र सिंह शामिल हैं। सजा सुनाए जाने के बाद भी सभी दोषी मूंछों पर ताव देते हुए कोर्ट परिसर से बाहर निकले। पहले देखिए, मामले से जुड़ी 2 PHOTO'S सरपंच चुनाव की रंजिश को लेकर किया था हमला अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अभिमन्यु सिंह चौहान और अजय मोहन मुखिजा ने बताया कि 10 जून 2016 की शाम करीब 6:30 बजे नौगावां थाना क्षेत्र के पाटा गांव में सरपंच चुनाव की रंजिश को लेकर अवतार सिंह और उनके परिजनों पर हथौड़े, तलवार, चाकू, लोहे के पाइप, हॉकी और लाठियों से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल अवतार सिंह को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद नौगावां थाने में हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया और सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। 10 साल 18 दिन बाद मिला न्याय फैसले के बाद मृतक के बेटे अजयपाल ने कहा कि आज अदालत के फैसले से उनके परिवार को 10 साल 18 दिन बाद न्याय मिला है। उन्होंने बताया कि उनके पिता अवतार सिंह, इंद्रजीत सिंह के रिश्तेदार (भांजे) थे। उस समय गांव पाटा में सरपंच चुनाव को लेकर दोनों पक्ष अलग-अलग प्रत्याशियों का समर्थन कर रहे थे। जिस प्रत्याशी का समर्थन उनके पिता कर रहे थे, उसके चुनाव जीतने के बाद आरोपियों ने चुनावी रंजिश में हमला कर उनके पिता की हत्या कर दी।