अलवर के पास देसूला ग्राम पंचायत में करोड़ों रुपए की गोचर भूमि पर हुए बहुचर्चित पट्टा घोटाले में आखिरकार बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है। राज्य सरकार के कड़े रुख के बाद जिला परिषद सीईओ ने प्रशासक के तौर पर कार्यभार संभाल रहीं देसूला सरपंच सावित्री देवी को पदमुक्त कर दिया है। इससे पहले मामले को दबाने और सीधे सरपंच के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज न कराने पर ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) को सस्पेंड किया जा चुका है। 100 करोड़ की जमीन का ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा देसूला गांव में मुख्य मार्ग पर स्थित करीब 100 करोड़ रुपए की पौने दो बीघा (गोचर भूमि) पर भू-माफियाओं और पंचायत प्रतिनिधियों की मिलीभगत से फर्जी पट्टे जारी किए गए थे। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आए इस घोटाले के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं- 54 पट्टे पाए गए फर्जी: जिला परिषद और प्रशासनिक जांच कमेटी की रिपोर्ट में 54 पट्टों के पूरी तरह फर्जी और नियम-विरुद्ध होने की पुष्टि हुई है। मृतक के नाम भी जारी हुआ पट्टा: घोटाले का आलम यह रहा कि पंचायत के रिकॉर्ड का दुरुपयोग कर एक मृत व्यक्ति के नाम पर भी पट्टा काट दिया गया। फ्रंट की जमीन पर अपनों का कब्जा: आरोप है कि सरपंच के परिजनों व करीबियों को मुख्य सड़क से सटती 600-600 वर्गगज की कीमती जमीनों के पट्टे बांटे गए। गायब किए गए थे पट्टों के नाम: शिकायतकर्ता पूर्व उपसरपंच बलदेव ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान बीच में कुछ प्रभावशाली लोगों के नाम की फाइलें और 5 पट्टे गायब करा दिए गए थे, जिन्हें दोबारा दबाव बनाकर जांच रिपोर्ट में जुड़वाया गया। उप सरपंच ने 3 महीने तक लड़ी लड़ाई, CMO तक पहुंची थी फाइल मामले का भंडाफोड़ देसूला के पूर्व उपसरपंच बलदेव की शिकायत से हुआ था। जब स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो बलदेव ने मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) का दरवाजा खटखटाया। सीएमओ से निर्देश मिलने के बाद अलवर कलेक्टर और जिला परिषद ने जांच टीम गठित की। जांच में फर्जीवाड़ा साबित होने के बाद कलेक्टर ने दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। ऐसे हुआ एक्शन मोहर गुमने का बनाया बहाना: जांच रिपोर्ट आने के बाद जब कार्रवाई का शिकंजा कसा, तो सरपंच पक्ष ने सील-मोहर गुम हो जाने की बात कहकर पट्टों से पल्ला झाड़ने की कोशिश की। वहीं जिला परिषद ने वीडीओ को सरपंच पर सीधा मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए, लेकिन वीडीओ टालमटोल करता रहा। सरपंच प्रशासक पद से हटीं: वीडीओ पर कार्रवाई के बाद मामला मीडिया की सुर्खियों में आया और सरकार ने कड़ा रुख अपनाया। जिला परिषद सीईओ ने आदेश जारी कर प्रशासक बनी सरपंच को भी पद से बेदखल कर दिया। 50 करोड़ की सरकारी जमीन पर भू-माफिया के 150-फर्जी पट्टे:पूर्व VDO के फेक साइन, 6 पट्‌टों पर सरपंच के परिवार का नाम; लोन भी उठाया अलवर में मृत लोगों के नाम बनाए फर्जी पट्टे:पूर्व सरपंच बोलीं- मेरी मुहर चोरी कर पूर्व उप-सरपंच ने फंसाया, उप सरपंच बोले- दबाव बना रहे