अलवर के नौगांवा थाना इलाके में स्थित गौरवनाथ गौशाला में काम करने वाले 43 वर्षीय मोहनलाल की मौत के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। मृतक के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिलने का आरोप है। परिजनों का कहना है कि मोहनलाल के चेहरे और कमर पर भी चोट के निशान थे। सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें मोहनलाल का शव दिखाया गया। फिलहाल पुलिस शव का पोस्टमार्टम करवा रही है। मृतक के छोटे भाई भागचंद ने बताया कि रात को उनके पास गौशाल से फोन आया था। फोन करने वाले ने बताया कि मोहनलाल की तबीयत खराब हो गई थी। उसे दवा दिलवाई गई थी, लेकिन बाद में वह अचेत हो गया और उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद परिजन पहले नौगांवा के पड़ावड़ा गांव स्थित गौरवनाथ गौशाला पहुंचे। वहां से उन्हें पता चला कि मोहनलाल को अस्पताल ले जाया गया है। इसके बाद परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें शव दिखाया गया। भागचंद ने आरोप लगाया कि उनके भाई के शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। चेहरे पर मारपीट के घाव दिखाई दे रहे थे और कमर पर भी काफी चोटें थीं। उन्होंने आशंका जताई कि गौशाला में किसी ने उनके भाई के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी देकर शिकायत दी है। भागचंद के अनुसार, मोहनलाल मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले के भोली गांव का रहने वाला था। वह पिछले करीब डेढ़ साल से नौगांवा क्षेत्र की गौशाला में काम कर रहा था। उसका एक हाथ काम नहीं करता था। ऐसे में वह गौशाला में काम करके अपना गुजारा करता था। मोहनलाल का 10 साल का एक बेटा है। भागचंद ने बताया कि उनके बड़े भाई की पहले ही मौत हो चुकी है और मोहनलाल दूसरे नंबर का भाई था। अब उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। फिलहाल पुलिस शव का पोस्टमार्टम करवा रही है। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।