अलवर शहर की पॉश यूआईटी कॉलोनी शालीमार योजना में जीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश के घर पूरे परिवार को बंधक बनाकर हुई लूट मामले में पुलिस आरोपियों तक पहुंच चुकी है। प्रदेश के वन राज्य मंत्री संजय शर्मा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और परिवार को ढांढस बंधाया। असिस्टेंट कमिश्नर के बेटे से कहा कि ये हमारा बहादुर बेटा है। मंत्री से बात करते हुए पीड़ित असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश का दर्द और खौफ छलक उठा। उन्होंने बताया, "हम सब अभी तक इतने डरे हुए हैं कि बाथरूम जाने में भी डर लग रहा है। डर के मारे बेटा-बेटी स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं। बदमाशों ने हमें जान से मारने की धमकी दी थी।" वारदात के दौरान बदमाशों की ‘अजीब हरकतें’ पीड़ित परिवार ने मंत्री संजय शर्मा को बदमाशों की उन हरकतों के बारे में बताया, जो उन्होंने बंधक बनाने के दौरान कीं: बदमाशों ने घर को बंधक बनाने के बाद आराम से किचन में जाकर आम खाए। बदमाशों ने असिस्टेंट कमिश्नर से चाय बनाने को भी कहा था। वारदात के दौरान असिस्टेंट कमिश्नर की पत्नी उर्मिला का डर के मारे गला सूखने लगा, तो बदमाशों ने उन्हें पानी लाकर दिया। लेकिन खौफ के कारण वह पानी नहीं पी सकीं। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि 20 लाख के जेवर लूटने के बाद जाते-जाते बदमाश घर के मंदिर के सामने हाथ जोड़कर निकले। बहादुर बेटा: बदमाशों से भिड़ गया था प्रिंस मुलाकात के दौरान मंत्री संजय शर्मा ने असिस्टेंट कमिश्नर के बेटे प्रिंस की पीठ थपथपाई। मंत्री ने कहा, "यह बहादुर बेटा है।" दरअसल, वारदात के दौरान प्रिंस ने अकेले ही बदमाशों से लोहा लेने की कोशिश की थी। इसी कशमकश में बदमाशों ने उसके सिर पर बल्ले (बेट) से हमला कर दिया था, जिससे वह लहूलुहान हो गया था। जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर के घर लूट:परिवार को डेढ़ घंटे तक बंधक बनाया, बचाने आए बेटे का सिर फोड़ा; बदमाशों ने आम भी खाए