अलवर की शालीमार सोसायटी में जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश के घर हुई लूट के मामले में पुलिस ने चार बदमाशों को शनिवार शाम गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों को मौका तस्दीक कराने के लिए घटना स्थल यानी जीएसटी अधिकारी के घर पर लेकर पहुंची। चारों आरोपी लंगड़ाते हुए चले। जिन तीन बदमाशों ने वारदात की उन्हें पुलिस सीन रिक्रिएशन के लिए बापर्दा लेकर आई। वहीं चौथे आरोपी गौरव कुमार को बिना पर्दा के साथ लेकर आई। वारदात में कुल 5 बदमाश शामिल थे। अभी पांचवां आरोपी पुलिस गिरफ्त में नहीं आया है। आरोपी इतने शातिर हैं कि उन्हें पुलिस पहचान नहीं सके, इसलिए बार-बार कपड़े बदले। वारदात के दिन (4 जुलाई को) अफसर के कपड़े अपने साथ लेकर गए। जिन कपड़ों को पहनकर वारदात की, उन कपड़ों को रेलवे ट्रैक पर पटककर अफसर के कपड़े पहन लिए। टोटल सफर रेलवे ट्रैक पर ही किया आरोपी पुलिस गिरफ्त में नहीं आएं इसलिए शहर की सड़कों पर नहीं गए। पुलिस गिरफ्त में आने से पहले जहां भी पहुंचे, वहां तक का टोटल सफर रेलवे ट्रैक पर ही किया। पुलिस को आरोपियों का पता नहीं चले, सीसीटीवी फुटेज भी नहीं मिलें। इसलिए रेलवे ट्रैक का ही सहारा लिया। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल लूट का पर्दाफाश करने के लिए 600 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और रेलवे ट्रैक पर सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तक की। पहले अफसर के घर रेकी की थी अलवर एसपी सुधीर चौधरी ने शनिवार रात 9 बजे पुलिस अन्वेषण भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम दिया। घटना से पहले उन्होंने कई दिनों तक जीएसटी अधिकारी के घर और आसपास के इलाके की रेकी की। घर की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। मौका मिलने पर आरोपियों ने घर में घुसकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। पहचान नहीं हो, इसलिए 5-6 बार कपड़े बदले एसपी ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर हैं। पुलिस को गुमराह करने के लिए उन्होंने वारदात के दौरान और उसके बाद करीब 5 से 6 बार कपड़े बदले, ताकि सीसीटीवी कैमरों में उनकी पहचान नहीं हो सके। इतना ही नहीं, पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी भी आरोपी ने मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाएनही। वारदात के बाद उन्होंने पैदल चलने और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग किया, ताकि पुलिस की जांच को भटकाया जा सके। इसके बावजूद पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज की कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की। आरोपियों के खिलाफ कई केस हैं दर्ज गिरफ्तार आरोपी रामगढ़ और खैरथल-तिजारा क्षेत्र के रहने वाले हैं। इनके खिलाफ पहले से लूट, डकैती, हत्या और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हैं। ये कई बार जेल भी जा चुके हैं। पुलिस इनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार लूटी गई नकदी और जेवरात की बरामदगी के प्रयास कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने लूट की रकम से एक मोटरसाइकिल भी खरीदी है। पुलिस का दावा है कि मामले में शत-प्रतिशत रिकवरी का प्रयास किया जाएगा। साथ ही यह भी आकलन किया जा रहा है कि घर से कुल कितनी नकदी और कितना सोना-चांदी लूटा गया था। आरोपियों को आज सीन रीक्रिएशन के लिए ले जाएगी पुलिस एसपी ने बताया कि आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल हथियारों की बरामदगी के प्रयास भी किए जा रहे हैं। घटना के बाद जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश भी शनिवार को अलवर पहुंचे थे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर जल्द खुलासे का भरोसा दिलाया था। अब अलवर पुलिस ने इस चर्चित लूटकांड का खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। प्रेस वार्ता के दौरान एसपी ने शहरवासियों से अपील की कि पॉश और सुनसान कॉलोनियों में रहने वाले लोग अपनी सुरक्षा के लिए चौकीदार की व्यवस्था करें। घरों में सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगवाएं। इससे अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ किसी भी वारदात की जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। ------------ ये खबर भी पढ़िए… जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर के घर लूट:परिवार को डेढ़ घंटे तक बंधक बनाया, बचाने आए बेटे का सिर फोड़ा; बदमाशों ने आम भी खाए अलवर में तीन नकाबपोश बदमाशों ने जीएसटी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश (50) के परिवार को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश 25 लाख से ज्यादा की ज्वेलरी और 40 हजार रुपए कैश लूट ले गए। विरोध करने पर असिस्टेंट कमिश्नर के बेटे का सिर फोड़ दिया। घटना आज (शनिवार) सुबह करीब 6-7 बजे के बीच की है। (पढ़िए पूरी खबर)