अलवर के अरावली विहार थाना क्षेत्र में करीब 5 करोड़ रुपए का प्लॉट हड़पने के लिए फर्जी एग्रीमेंट तैयार करने का मामला सामने आया है। मामले में अरावली विहार थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश समेत अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दौसा जिले के बसवा तहसील के ग्राम अलियापाड़ा निवासी लज्जाराम मीणा ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उन्होंने 14 सितंबर 2014 को अलवर के भाखेड़ा स्थित खसरा नंबर 382 में से 750.88 वर्गगज का प्लॉट चेतराम मीणा से 21 लाख रुपए में एग्रीमेंट के जरिए खरीदा था। एग्रीमेंट की पूरी राशि का भुगतान कर दिया गया था और प्लॉट का कब्जा भी उन्हें सौंप दिया गया था। भूमि गैर-खातेदारी होने के कारण खातेदारी होने के बाद रजिस्ट्री कराने की शर्त तय हुई थी। परिवादी ने आरोप लगाया कि उनका कार्यालय बुर्जा बाईपास स्थित तुषार होटल के सामने था, जहां मूल एग्रीमेंट और अन्य जरूरी दस्तावेज रखे हुए थे। इसी दौरान उनके परिचित रामोतार यादव ने विश्वास का फायदा उठाकर मूल एग्रीमेंट चोरी कर लिया। बाद में उसी एग्रीमेंट के आधार पर 25 मार्च 2022 को एक फर्जी एग्रीमेंट तैयार कराया गया, जिसमें उनके जाली हस्ताक्षर किए गए और पुराने इकरारनामे से उनका फोटो लेकर नए दस्तावेज पर लगा दिया गया। फर्जी दस्तावेज से नोटरी प्रमाणित कराया रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि इस फर्जी दस्तावेज को नोटरी से प्रमाणित कराया गया। इसमें अजीत मीणा को पहचानकर्ता और सुरेश कुमार यादव व शेर सिंह जाट को गवाह दिखाया गया, जबकि परिवादी का इन लोगों से कोई संबंध नहीं है। परिवादी ने यह भी आरोप लगाया कि नोटरी और स्टांप विक्रेता की मिलीभगत से पूरी साजिश रची गई ताकि उनकी बेशकीमती जमीन पर कब्जा किया जा सके। इस समय यहां जमीन के भाव करीब 50 हजार से 1 लाख रुपए वर्गगज का भाव हैं। इस तरह यह जमीन करीब 5 करोड़ से भी ज्यादा कीमत की हैं। परिवादी ने रिपोर्ट में यह भी बताया कि राजस्थान काश्तकारी अधिनियम की धारा 42 के अनुसार अनुसूचित जनजाति (मीणा) की कृषि भूमि का अन्य समुदाय के व्यक्ति के पक्ष में हस्तांतरण नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने का प्रयास किया गया। परिवादी पर लगाया आरोप, बोला- 20 लाख देकर जमीन खरीदी थी वहीं इस मामले में रामोतार यादव का कहना हैं की मैंने यह जमीन करीब 20 लाख रुपए में लज्जा राम मीणा से खरीदी थी,अब यह अपने साथियों जिनका इस जमीन में हिस्सा था जो कई सरकारी अफसर हैं उनके दबाव में आकर गलत आरोप लगा रहा हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच करने में जुटी हैं, पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों की जांच, हस्ताक्षरों की सत्यता और सभी आरोपों की पड़ताल के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।