अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के चिमरावली गौड़ गांव में पुरानी रंजिश को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों में लाठी-टांचे से हमला हो गया। इसमें एक पक्ष के 10 लोग गंभीर घायल हो गए। घायलों को लहुहूहान हालत में लक्ष्मणगढ़ से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घायल राज मेहरा ने बताया कि दोनों पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं। इनके बीच पहले भी विवाद हो चुका था, जिसे समाज के लोगों ने बैठकर सुलझा लिया था। हालांकि, समझौते के बाद से ही दोनों परिवारों के बीच बातचीत पूरी तरह बंद थी। राज मेहरा ने आरोप लगाए कि दूसरे पक्ष के प्रेमचंद ने रास्ते में उसके साथ गाली-गलौज की और अपने घर जाकर बोल दिया कि हम लोग उसे पीट रहे हैं। इसके बाद उसके घरवाले लाठी-डंडे और टांचियां लेकर हमारे घर में घुस गए और हम पर हमला कर दिया। हमले में राज मेहरा, उसकी मां राजवती, पिता बृजमोहन, चाचा शिवलाल और अजय गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं दूसरे पक्ष के अजीत का आरोप है कि करीब 1 साल पहले इन लोगों ने मेरी भाभी के साथ गलत काम किया था। जिसमें 7-8 लोग आरोपी थे। पुलिस ने आपसी समझौता कराने के बाद उस मामले में एफआर लगा दी थी। इसी बात को लेकर ये हमसे दुश्मनी रखते थे। इन्होंने पहले मेरे भाई प्रेमचंद को पीटा और जब मैं ससुराल से बीच-बचाव करने आया, तो मुझ पर भी हमला कर दिया। इस पक्ष से प्रेमचंद, बने सिंह, प्यारेलाल, अजीत, योगेश, मीना और रीना घायल हुए हैं। 100 नंबर मिलाते रहे, पुलिस ने नहीं उठाया फोन घायल राज मेहरा ने कहा कि जब गांव में झगड़ा बढ़ रहा था और दोनों तरफ से लाठियां चल रही थीं, तब उन्होंने मदद के लिए पुलिस के 100 नंबर पर कई बार कॉल किया। लेकिन पुलिस कंट्रोल रूम से कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।