पंचायत राज चुनाव के पहले चरण के नामांकन के अंतिम दिन 13 अक्टूबर को अलवर के मिनी सचिवालय में प्रत्याशियों की जबर्दस्त भीड़ रही। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए बड़ी संख्या में नामांकन दाखिल किए गए। चुनावी हलचल के बीच बीजेपी ने सुबह ही जिला परिषद के 39 वार्डों के प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। वहीं, कांग्रेस ने दोपहर 3 बजे अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित किए। कांग्रेस की सूची भाजपा की सूची दोनों ही पार्टियों ने आधिकारिक सूची जारी करने से पहले टिकट पाने वाले दावेदारों को फोन पर सूचना दे दी थी। इसके बाद प्रत्याशियों ने नामांकन प्रक्रिया पूरी की। हालांकि, बीजेपी और कांग्रेस के प्रत्याशियों के अलावा कुछ बागियों ने भी चुनाव मैदान में उतरने के लिए नामांकन दाखिल किए हैं। बागियों को मनाने में जुटेंगी पार्टियां टिकट नहीं मिलने से नाराज कुछ दावेदारों ने भी नामांकन भरकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। अब दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के सामने बागियों को मनाने की चुनौती होगी। पार्टी नेतृत्व कितने असंतुष्ट दावेदारों को नामांकन वापस लेने के लिए राजी कर पाता है, इस पर सबकी नजर रहेगी। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनावी मुकाबले की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी। एक दिन पहले जिला परिषद के 66 नामांकन 12 अक्टूबर तक जिला परिषद सदस्य की 39 सीटों के लिए कुल 66 नामांकन दाखिल हो चुके थे। वहीं, जिले की विभिन्न पंचायत समितियों में 221 सदस्य पदों के लिए 246 नामांकन जमा हुए थे। 13 अक्टूबर को नामांकन के अंतिम दिन बड़ी संख्या में प्रत्याशियों के पहुंचने से चुनावी सरगर्मी और बढ़ गई। पहले चरण के लिए 22 अक्टूबर को मतदान होना है। ऐसे में अब राजनीतिक दलों का फोकस प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने और बागियों को साधने पर रहेगा।