अलवर में नंगली सर्किल के पास स्थित ज्ञानदान ग्लोबल स्कूल के अचानक बंद होने से आरटीई (Right to Education Act) के तहत पढ़ रहे करीब 40 बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चों का बड़ी मुश्किल से आरटीई के तहत निजी स्कूल में चयन हुआ था और पिछले दो साल से वे यहीं पढ़ाई कर रहे थे। स्कूल प्रबंधन की ओर से अचानक स्कूल बंद करने का मैसेज दिया गया। अधिकारियों के चक्कर काट रहे अभिभावक मामले को लेकर अभिभावक पहले जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां से कोई समाधान नहीं मिला। इसके बाद कलेक्टर से भी गुहार लगाई गई, जहां से उन्हें सीडीओ के पास भेजा गया। आरोप है कि सीडीओ ने बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाने की सलाह दी। अभिभावकों ने किया इनकार अभिभावक राजू खंडेलवाल का कहना है कि जब उन्होंने बेहतर शिक्षा के लिए बच्चों का एडमिशन आरटीई के तहत निजी स्कूल में करवाया था, तो अब सरकारी स्कूल में भेजना सही नहीं है। उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे निजी स्कूल की फीस भर सकें, इसलिए वे दूसरी प्राइवेट स्कूल में आरटीई के तहत ही एडमिशन की मांग कर रहे हैं। समाधान नहीं मिलने पर अभिभावक वन मंत्री संजय शर्मा के निवास पहुंचे और उनके पीए को ज्ञापन सौंपा। पीए ने शिकायत को शिक्षा विभाग तक भिजवाने का आश्वासन दिया है। अभिभावकों का कहना है कि अगर जल्द ही बच्चों का दूसरे निजी स्कूलों में आरटीई के तहत एडमिशन नहीं कराया गया तो उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी।