अलवर शहर के गीतानंद शिशु अस्पताल के एक वार्ड में अचानक छत के लैंटर से प्लास्टर (चूना) का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि जिस जगह यह प्लास्टर गिरा, वहां उस समय कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया। घटना के बाद एहतियात के तौर पर वार्ड में भर्ती करीब 10 नवजातों को तुरंत दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही काला कुआं सैटेलाइट अस्पताल में भी प्लास्टर गिरने से एक डॉक्टर का सिर फट गया था। अस्पताल में कार्यरत गार्ड सुरेंद्र यादव ने बताया कि गुरुवार दोपहर बाद वार्ड की छत से अचानक चूना नीचे आ गिरा। हालांकि, प्लास्टर थोड़ी दूरी पर गिरा था और उस तरफ कोई मौजूद नहीं था। वार्ड के अलग-अलग बेड पर करीब 10 नवजात शिशु भर्ती थे, जिन्हें सुरक्षित दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। अब प्रशासन द्वारा इस वार्ड को खाली कराकर मरम्मत (रिपेयरिंग) का कार्य कराया जाएगा। 2 दिन पहले सैटेलाइट अस्पताल में फटा था डॉक्टर का सिर 2 दिन पहले शहर के काला कुआं स्थित सैटेलाइट अस्पताल में छत का प्लास्टर गिरने से ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर का सिर फट गया था, जबकि एक अन्य स्टाफ कर्मी भी मलबे की चपेट में आने से घायल हो गया था। सैटेलाइट अस्पताल में पंखे सहित बड़ा हिस्सा प्लास्टर का गिर गया था। इससे पहले अलवर के सीएमएचओ कार्यालय में कई बार प्लास्टर गिरने की घटना हो चुकी हैं। पढ़ें पूरी खबर