अलवर शहर के पास सरिस्का के बफर जोन में वन राज्य मंत्री संजय शर्मा पौधे लगाने पहुंचे तो उन्हें टाइगर के शावक की साइटिंग हुई। श्योदानपुरा के जंगल में मंत्री संजय शर्मा रविवार को गए थे। इस दौरान रास्ते में टाइग्रेस एसटी-19 का शावक वाटर हॉल में डुबकी लेते हुए दिखा। मंत्री के अलावा काफी टूरिस्ट ने भी टाइगर के शावक की साइटिंग की। वहीं मत्री संजय शर्मा ने काफी देर तक टाइगर के शावक की साइटिंग की। श्योदानपुरा के जंगल में टाइगर का शावक दिखा। बता दें कि टाइग्रेस एसटी-19 के चार शावक हैं। कई बार चारों शावकों के साथ भी टाइग्रेस दिख चुकी है। पांच-पांच टाइगर को एक साथ देखना बेहद रोमांचकारी होता है। बफर जोन में टूरिस्ट ने कई बार देखा है। बफर जोन में कुल 11 टाइगर और शावक बफर जोन में रेंजर शंकर सिंह ने बताया- अलवर शहर के आस-पास के जंगल में कुल 11 टाइगर, टाइग्रेस और शावक हैं। बफर जोन में ST 18, ST 19 व उसके चार शावक, ST 2302 व इसके दो शावक, ST 2403 व ST 2403 हैं। ST 18 मेल हैं। बाकी चार फीमेल हैं। इसके अलावा 6 शावक हैं। इस तरह बफर जोन में कुल 11 टाइगर, शावक हैं। टाइग्रेस ST 19 बारा लिवारी के आस-पास, टाइग्रेस 2302 बाला किला व अंधेरी के आस-पास, टाइगर ST 18 लिवारी सहित दूर तक जंगल में घूमता है। वहीं टाइग्रेस ST 2403 व 2404 की चूहड़सिद्ध लवकुश वाटिका की तरफ है। बफर जोन से पहले एक टाइगर को रामगढ़ विषधारी जंगल विस्थापित किया गया था। उसकी वहां मौत हो गई थी। वहीं एक टाइग्रेस ST 2405 अकबरपुर की तरफ निकल गई। सरिस्का में बाघों की संख्या 50 के पार सीसीएफ ने बताया- सरिस्का में वर्ष 2008 में बाघों का पुनर्स्थापन शुरू हुआ था। इसके बाद संख्या बढ़ते हुए टाइगर के शावकों सहित 50 तक पहुंच गई है। राज्य सरकार के प्रयासों से टाइगर तेजी से बढ़े हैं। बता दें कि सरिस्का 2004 में बाघ विहीन हो गया था। सरिस्का में एक साथ पांच टाइगर दिखे,VIDEO:बाघिन ST-19 अपने 4 शावकों के साथ वाटर पॉइंट पर आई, टूरिस्ट रोमांचित हो गए