रेलवे लाइन के ठीक नीचे बनने वाले अंडरपास में एक-एक सैकंड अहमियत रखती है। अलवर के काली मोरी रेलवे अंडरपास बनाने में 200 से अधिक मजदूरों ने 7 घंटे तक इतना पसीना बहाया कि 80 कैंपर पानी पी गए। इससे उनकी हाड़तोड़ मेहनत का आकलन किया जा सकता है। अंडरपास बनने के बाद बाल वाहिनी के रोजाना 10 किलोमीटर बचेंगे। हजारों स्कूली बच्चों का रोजाना 1 घंटा व्यर्थ नहीं जाएगा। कॉलोनी के लोग और आसपास के ऑफिस व इंडस्ट्री में आने-जाने वपाले लोग सीधे आ-जा सकेंगे। उनकी करीब 2 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। यही नहीं रेलवे पटरी के ऊपर से जाने का जोखिम भी कम हो जाएगा। रेलवे लाइन के नीचे का अंडर पास बन गया है। अब साइड की अप्रोच बनाने का काम बचा है। करीब 2 महीने में पूरा काम होगा। उसके बाद आमजन की आवाजाही शुरू हो जाएगी। मजूदर ने कहा - 80 कैंपर पानी पी गए मजदूर प्रहलाद बैरवा ने बताया कि इतनी मेहनत की कि पूछो मत। एक मिनट का आराम नहीं मिला। 300 से अधिक लोगों को 80 कैंपर पानी पिलाया गया। मैं सिफ पानी पिलाने में लगा था। मजदूरों को इतना समय नहीं मिला कि वे खुद आकर पानी पी सकें। उनको मौके पर पानी पिलाने के लिए मजूदर लगाने पड़े थे। ठेकेदार यश जैन ने बताया कि किसी भी मजदूर को एक सैकंड आराम नहीं मिला। मजदूरों की छोड़िए कर्मचारी व अधिकारी भी लगे रहे। बाल वाहिनी ड्राइवर बोले 10 किलोमीटर बचेंगे राठ स्कूल के ड्राइवर मुकेश राजोरिया ने बताया कि इस अंडर पास से बहुत सहूलियत मिलेगी। करीब 10 किलोमीटर का चक्कर कम हो जाएगा। अब तक दो दो पुल पार करके जाना पड़ता है। स्कूल के बच्चों का रोाजना करीब 25 से 30 मिनट बचेंगे। स्कूल में आने जाने में बच्चों का करीब 1 घंटा रोज बचेगा। अब तक मशक्कत अधिक होती है। राजस्थान सोलर में काम करने वाले युवक अनिल गुप्ता ने बताया कि अंडरपास बनने से घूमकर आने में काफी समय बचेगा। केवी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र ने कहा कि अंडरपास से फायदा होगा। पहले घूमकर आते थे। अब सीधे आ जाएंगे। अंबेडकर आने-जाने में सहूलियत मिल जाएगी। ऑफिस में सीधे आ सकेंगे बिजली विभाग में काम से जा रहे 76 साल के बुजुर्ग हरिओम शर्मा ने कहा कि अंडरपास बनने से रास्ता छोटा बन जाएगा। पहले कई बार रेल पटरी कूद कर गए हैं। पहले ओवरब्रिज के ऊपर से आना पड़ता था। अब सीधे आएंगे। VIDEO में देखिए कैसे बनता है रेलवे अंडरपास:काम पूरा करने के लिए सिर्फ सवा 7 घंटे मिले, 200 लोग 8 मशीनों के साथ जूटे अलवर में कालीमोरी अंडरपास 8 घंटे में बनकर होगा तैयार:15 से 20 बड़ी मशीन और 100 से ज्यादा मजदूर करेंगे काम; जयपुर-दिल्ली के बीच ट्रेन रहेगी बंद