अलवर में मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता लेने में लाखों रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया। जिला रोजगार कार्यालय की जांच में 10 आशार्थियों ने गलत जानकारी और दस्तावेजों में हेरफेर कर भत्ता ले लिया। इन 10 आशार्थियों से अब करीब 5.19 लाख रुपए वसूले जाएंगे। इन सभी आशार्थियों के खिलाफ अरावली विहार थाना में सोमवार शाम को FIR दर्ज कराई गई। रोजगार सेवा निदेशालय जयपुर के निर्देश पर यह जांच की गई। इसमें सामने आया कि कई आवेदकों ने अपनी SSO ID से ‘जॉब सीकर प्रोफाइल’ में बदलाव किए, जरूरी दस्तावेज हटा दिए और कुछ मामलों में नाम, पता व मोबाइल नंबर तक बदल दिए। रोजगार अधिकारी हरीश नेनतवाल ने बताया- अभी 58 में से 10 नाम सामने आए हैं। अभी जांच चल रही है, यह संख्या बढ़ भी सकती है। इसकी जांच की जा रही है। इन आशार्थियों ने वर्ष 2024 में फॉर्म अप्लाई किया था। बता दें कि पुरुष को 4000 रुपए और महिला को 4500 रुपए बेरोजगारी भत्ता मिलता है। नोटिस भेजे, लेकिन नहीं मिले आरोपी कार्यालय ने 17 मार्च 2026 को आरोपियों के पते पर नोटिस भेजे, लेकिन ज्यादातर मामलों में डाक विभाग ने “प्राप्तकर्ता नहीं रहता” या “कोई व्यक्ति नहीं मिला” लिखकर लैटर लौटा दिए। इससे फर्जी पते का इस्तेमाल सामने आया। इसके बाद विभाग के कर्मचारी भौतिक सत्यापन करने पहुंचे, लेकिन दिया गया पता फर्जी मिला। बैंक डिटेल जांच में खुला राज जब विभाग ने भारतीय स्टेट बैंक आर्य नगर शाखा पर पहुंचकर बैंक डिटेल और एड्रेस का मिलान किया तो कई आवेदकों का वास्तविक निवास अलवर के बजाय दौसा जिले में पाया गया। वहीं कई का अलग-अलग जगह मिला। इन पर होगी कार्रवाई, इतनी राशि वसूली जाएगी SSO ID में प्रोफाइल में बदलाव कर हटाए दस्तावेज जांच में यह भी सामने आया कि कुछ आरोपियों ने 19 और 21 मार्च को SSO ID के जरिए प्रोफाइल में बदलाव कर दस्तावेज हटा दिए, जो योजना के नियमों के खिलाफ हैं। अब जिला रोजगार अधिकारी तमन्ना सिंह ने सभी दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।