बांसवाड़ा की सरस दूध डेयरी में काम के दौरान एक कर्मचारी को जहरीले अजगर के बच्चे ने काट लिया। अजगर के काटते ही कर्मचारी ने तुरंत अपने पैर पर कपड़े से पट्टी बांध ली, ताकि जहर शरीर में तेजी से न फैले और उसे समय पर हॉस्पिटल पहुंचाया जा सके। घटना के बाद साथी कर्मचारियों ने अजगर को पकड़कर बाल्टी में बंद कर दिया। इसके बाद घायल कर्मचारी के साथ सांप को भी एमजी हॉस्पिटल ले गए, ताकि डॉक्टर उसकी पहचान कर सही इलाज कर सकें। जब कर्मचारी बाल्टी में बंद सांप को लेकर हॉस्पिटल पहुंचा तो उसे देखकर वहां मौजूद लोगों में हलचल मच गई। डॉक्टरों ने अजगर की पहचान कर कर्मचारी का इलाज शुरू किया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। डेयरी में काम करते समय अजगर ने काटा बुधवार रात सरस दूध डेयरी परिसर में काम के दौरान मजदूर गिरीश (45) पुत्र नरसया, निवासी मोना डूंगर, हाल निवासी सरस दूध डेयरी को अचानक जहरीले सांप ने काट लिया। अजगर के काटते ही वह दर्द से जोर-जोर से चिल्लाने लगा। कुछ ही देर में उसकी आंखों के सामने धुंधला दिखने लगा। उसकी आवाज सुनकर साथी कर्मचारी दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और तुरंत उसकी मदद में जुट गए। अजगर को बाल्टी में बंद कर अस्पताल पहुंचे साथी कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए अजगर को सुरक्षित पकड़कर एक बाल्टी में बंद कर दिया। इसके बाद घायल गिरीश और सांप दोनों को लेकर सीधे एमजी अस्पताल पहुंचे, ताकि डॉक्टर सांप की प्रजाति पहचानकर सही इलाज कर सकें। बुधवार रात करीब 9 बजे घायल कर्मचारी को अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। एंटी-स्नेक वेनम देकर बचाई जान एमजी अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत गिरीश का इलाज शुरू किया। उसे एंटी-स्नेक वेनम दिया गया, जिससे उसकी जान बच गई। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। उसे खतरे से बाहर बताया गया है और अस्पताल के वार्ड में भर्ती कर निगरानी में रखा गया है। विशेषज्ञों ने कहा कि अजगर काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू इलाज के भरोसे नहीं रहना चाहिए। मरीज को बिना देरी किए तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए, ताकि समय पर सही इलाज मिल सके। हालांकि, अजगर (Python) के काटने पर जहर फैलने का खतरा नहीं रहता है। मगर इसके काटने से मुख्य रूप से घाव, त्वचा पर खरोंच, गंभीर दर्द और संक्रमण का खतरा होता है। इसके पीछे मुड़े हुए लगभग 150 छोटे दांत होते हैं जो त्वचा में गहरे धंस सकते हैं। अजगर के काटने पर बचाव और इलाज के लिए मुख्य कदम उठाने चाहिए: