अलवर जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से मौसम पूरी तरह सुहावना बना हुआ है। तेज गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली है, जबकि खेतों में नमी बढ़ने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। गुरुवार सुबह से ही जिलेभर में घने बादल छाए रहे। दोपहर बाद राजगढ़, मालाखेड़ा, रेणी और अलवर शहर सहित कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई। कुछ देर बाद धूप भी निकल आई, जिससे मौसम में उमस भी महसूस हुई। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में फिर बारिश की संभावना जताई है। बुधवार को भी दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही और सूर्य के दर्शन नहीं हुए। रात में भी जिले के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बारिश का दौर जारी रहने के बावजूद इस वर्ष जिले में अब तक पिछले साल की तुलना में कम वर्षा हुई है। 23 जुलाई 2025 तक 203.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई थी, जबकि 23 जुलाई 2026 तक 165.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यानी अब तक करीब 19 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बारिश से जिले के बांधों में भी पानी की आवक बढ़ रही है। जल संसाधन विभाग के अनुसार प्रमुख बांधों में 103.897 एमसीएम जलभराव हो चुका है, जो कुल क्षमता का करीब 20 प्रतिशत है। सबसे अधिक सिलीसेढ़ बांध 73.66 प्रतिशत, मानसरोवर 57.87 प्रतिशत और मंगलसर 23.96 प्रतिशत भरा है। जबकि जयसमंद, रामपुर, देवती, सिलीबेरी और धामरेह बांधों में अभी पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा है। बैरेर गांव में सरकारी स्कूल के बच्चों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। योगी मोहल्ला के पास पीडब्ल्यूडी सड़क पर जलभराव होने से सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं को रोजाना घुटनों तक भरे पानी से होकर स्कूल आना-जाना पड़ रहा है। कई बच्चे बारिश में भीगते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर लंबे समय तक पानी भरा रहने से फिसलकर हादसे का खतरा बना रहता है, लेकिन हर साल यह समस्या होने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने जल्द जल निकासी की व्यवस्था और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।