अलवर जिले के तूलेड़ा गांव में ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान के दौरान जोरदार हंगामा हो गया। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने "पटवारी हटाओ" के नारे लगाकर विरोध-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने शिविर में वरिष्ठ अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर भी नाराजगी जताई। इस दौरान कांग्रेस जिला पार्षद जगदीश जाटव और विकास अधिकारी (वीडीओ) आरती गुप्ता के बीच तीखी बहस भी हो गई। जिला पार्षद जगदीश जाटव ने कहा कि जब बड़े अधिकारी ही मौजूद नहीं हैं तो ऐसे शिविर का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि शिविर लगाने के बावजूद लोगों के राजस्व संबंधी काम नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का पटवारी 6-6 महीने में गांव में नहीं आता और पंचायत समिति में भी नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहता, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। पटवारी को हटाने की उठी मांग जिला पार्षद ने ग्रामीणों के साथ मिलकर वीडीओ के माध्यम से एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तूलेड़ा हल्का पटवारी उमाशंकर शर्मा को हटाकर नया पटवारी लगाने की मांग की गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि पटवारी लंबे समय से गांव में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होते, फोन कॉल भी रिसीव नहीं करते और नामांतरण, जमाबंदी की नकल, सीमांकन, आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र सहित अन्य राजस्व कार्य समय पर नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जब पटवारी से शिकायत की जाती है तो वह कहते हैं कि उनके पास कई ग्राम पंचायतों का कार्यभार है और चाहो तो उनका तबादला करवा दो। प्रशासक बोले- एक छत के नीचे समस्याओं का समाधान वहीं तूलेड़ा के सरपंच रहे और वर्तमान प्रशासक बबल यादव ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर का उद्देश्य एक ही छत के नीचे लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने बताया कि शिविर में सभी विभागों के प्रतिनिधि मौजूद हैं और रास्ते खुलवाने, पेंशन, नाम संशोधन सहित विभिन्न सरकारी कार्यों का मौके पर ही निस्तारण किया जा रहा है।