अमायरा सुसाइड केस में जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल के मालिक सौरभ मोदी के खिलाफ केस चलेगा। इनके अलावा स्कूल की प्रिंसिपल इंदू दुबे, टीचर पुनीता शर्मा और सफाईकर्मी रामू के खिलाफ भी केस चलाया जाएगा। जयपुर महानगर प्रथम की एसीजेएम-10 कोर्ट ने मंगलवार को प्रसंज्ञान लेते हुए केस को आगे की सुनवाई के लिए बाल न्यायालय भेज दिया है। सुनवाई के दौरान सभी आरोपी कोर्ट में पेश हुए, जिन्हें जमानत मिल गई। कोर्ट ने अमायरा के परिजनों के प्रार्थना-पत्र पर सुनवाई से इनकार करते हुए पुलिस की ओर से लगाई गई धाराओं में ही प्रसंज्ञान लिया है। परिजनों ने कोर्ट में प्रार्थना-पत्र लगाकर आत्महत्या के लिए उकसाने और स्कूल मालिक और प्रिंसिपल पर भी बच्ची के साथ क्रूरता की धारा जोड़ने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इस पर सुनवाई से इनकार कर दिया। इससे पहले पुलिस ने लापरवाही, सबूत मिटाने और बच्चे के साथ क्रूरता के मामले में आरोप प्रमाणित मानते हुए चालान पेश किया था। अमायरा के परिजनों ने कोर्ट में प्रार्थना-पत्र पेश कर पुलिस की ओर से पेश चालान (चार्जशीट) पर सवाल खड़े किए थे। परिजनों का कहना था कि स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल पर भी बच्ची के प्रति क्रूरता (Cruelty to Child) और सभी आरोपियों पर बच्ची को आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा लगाते हुए प्रसंज्ञान लिया जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना था। इसके बाद आज ये फैसला सुनाया। कोर्ट में दोनों पक्षों की दलील पीड़ित पक्ष बोला- स्कूल प्रिंसिपल और प्रबंधन बराबर के दोषी इससे पहले सोमवार को सुनवाई के दौरान परिजनों की ओर से पैरवी करते हुए वकील अमित शर्मा ने कहा था कि इस पूरे मामले में पुलिस ने केवल क्लास टीचर के खिलाफ जेजे एक्ट की धारा 47 के तहत आरोप प्रमाणित माना है। जबकि स्कूल प्रिंसिपल और प्रबंधन बराबर के दोषी है। वहीं चार्जशीट में पुलिस ने किसी भी आरोपी पर बच्ची को सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप प्रमाणित नहीं माना है। स्कूल प्रबंधन का पक्ष- जानबूझकर कुछ नहीं किया प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए स्कूल प्रबंधन की ओर से वरिष्ठ वकील विवेक राज बाजवा ने कहा कि पुलिस ने चार्जशीट में जेजे एक्ट की धारा लगाई है। ऐसे में इस कोर्ट को सुनवाई का अधिकार नहीं है। वहीं यह पूरी घटना एक हादसा थी, स्कूल प्रबंधन ने जानबूझकर कुछ भी नहीं किया, जिससे यह साबित हो कि अमायरा को सुसाइड के लिए उकसाया गया था। उन्होंने कहा कि कोर्ट प्रसंज्ञान की स्टेज पर धाराएं जोड़ने की प्रक्रिया नहीं अपना सकती हैं। धाराएं जोड़ने और घटाने का काम चार्ज की स्टेज पर ही किया जा सकता है। ऐसे में परिजनों का प्रार्थना-पत्र खारिज किया जाए। चौथी मंजिल से कूदकर किया था सुसाइड गौरतलब है कि नीरजा मोदी स्कूल में 9 साल की छात्रा अमायरा ने 1 नवंबर 2025 को चौथी मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने स्कूल मालिक सौरभ मोदी, प्रिंसिपल इन्दु दुबे, टीचर पुनिता शर्मा और सफाईकर्मी रामू के खिलाफ विभिन्न धाराओं में चालान पेश किया था। …… अमायरा केस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… अमायरा बिल्डिंग से कूदी, क्लास टीचर देखने तक नहीं गई:स्कूल ने 10 दिन तक छुपाए रखा बैग, जो सीसीटीवी फुटेज मिले उनसे आवाज गायब नीरजा-मोदी स्कूल में अमायरा की मौत से पहले का VIDEO:कई बार टीचर के पास गई थी; परिवार बोला-बेटी मदद मांगती रही, किसी ने नहीं सुनी अमायरा मौत मामला,परिवार बोला-बच्ची को आत्महत्या के लिए मजबूर किया:पुलिस ने हमें ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, चार्जशीट पर परिजनों ने उठाए सवाल अपशब्दों से नाराज होकर 4th मंजिल से कूदी थी छात्रा:नीरजा मोदी स्कूल टीचर ने जांच कमेटी के सामने किया खुलासा, मैडम ने रेलिंग से नीचे देखा था नीरजा मोदी स्कूल में 4th फ्लोर से कूदी छात्रा,मौत, VIDEO:पसलियां टूटी; स्कूल प्रबंधन ने सबूत मिटाए, पिता ने FIR दर्ज कराई