गृहमंत्री अमित शाह शुक्रवार को लखनऊ के दौरे पर रहे। उन्होंने भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कार्यकर्ताओं से कहा- यूपी में बीजेपी अंगद का पैर है। उसे कोई नहीं हिला सकता है। आप कमर कस लो, अर्जुन की तरह मछली की आंख पर नजर रखो। हमें फिर से सरकार बनानी है। शाह ने बीजेपी कार्यकर्ता को पार्टी का मालिक बताया। कहा कि यूपी में तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनी तो यहां भी UCC लागू करेंगे। आप सभी नाराजगी और मनमुटाव को गोमती नदी में छोड़कर जाएं। चुनाव में बार-बार मुलाकात होगी। हिसाब पूछूंगा। बही खाता अच्छा रहना चाहिए। उन्होंने कहा- राहुल बाबा की निरर्थक बकवास का जवाब यूपी में 2027 में बीजेपी की सरकार बनाकर देना है। शाह के भाषण की 4 बड़ी बातें 1. रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले किस मुंह से सरकार बनाने की बात करते हैं? अमित शाह ने कहा- यूपी में 30 अक्टूबर का दिन बेहद अहम है। 1990 में इसी दिन अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं। मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं कि आप किस मुंह से सरकार बनाने की बात करते हैं? आपने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, हमने राम मंदिर बनाया। कल्याण सिंह ने सरकार की चिंता किए बिना विवादित ढांचे को गिरवाया था। जनता आपकी तीसरी पीढ़ी को भी माफ नहीं करेगी। 2. नोटबंदी के बाद अखिलेश को रातभर नींद नहीं आई शाह ने कहा- यूपी में 2014 में हमारे केवल 44 विधायक थे। बहुत निराशा थी। मैं तहसील तक गया। एक बार संगठन ठीक हो गया तो 2014 में यूपी में 41 प्रतिशत वोट के साथ 73 सीट जीतीं। 2017 में नोटबंदी हुई थी तो अखिलेश को रात भर नींद नहीं आई थी। हमने 40 प्रतिशत वोट लेकर 312 सीट जीती थीं। 3. वोट चोरी के आरोपों पर शाह बोले- मैच हारने के बाद अंपायर पर आरोप लगा रहे अमित शाह ने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर कहा- मैच हारने के बाद अब अंपायर पर आरोप लगाए जा रहे हैं। भाजपा संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। एक बार आइए, विशेष सत्र बुलाते हैं। हम एक-एक बात का जवाब देने को तैयार हैं। संसद में चर्चा कीजिए। 4. शाह ने योगी की तारीफ की, बोले- माफिया का सफाया किया शाह ने सीएम योगी की तारीफ की। कहा कि योगी ने माफिया को समाप्त किया। इसके लिए उन्हें बधाई। सपा और बसपा के सभी टर्म मिला लें तो हमारे योगी जी का एक टर्म उनसे ज्यादा है। अखिलेश और उनके पिता की सरकार ने गरीब का हक मारकर परिवार को दिया। आज केंद्र की योजनाओं का सबसे अच्छा क्रियान्वयन यूपी में हो रहा है। योगी की चेतावनी- लापरवाही भारी पड़ सकती है सीएम योगी ने मतदाता सूची में वोटरों के नाम कटने पर चिंता जताई। बैठक में उन्होंने कहा- यूपी की आबादी करीब 25 करोड़ है। जनगणना के आंकड़े आने पर यह 25.70 करोड़ तक पहुंच सकती है। इस हिसाब से प्रदेश में करीब 16 करोड़ मतदाता होने चाहिए, लेकिन SIR के बाद मतदाता सूची में केवल 13.39 करोड़ नाम हैं। करीब 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम सूची में नहीं हैं। योगी ने आगाह करते हुए कहा कि प्रदेश की 28 शहरी सीटें खतरे में हैं, जबकि 66 अन्य सीटों पर भी स्थिति चिंताजनक है। इसलिए पार्टी के जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विधानसभा प्रभारियों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए सक्रिय होना चाहिए। इस काम में लापरवाही भारी पड़ सकती है। इससे पहले, करीब 9 महीने बाद लखनऊ पहुंचे शाह का सीएम योगी और दोनों डिप्टी सीएम ने स्वागत किया। बैठक में योगी और शाह अगल-बगल बैठे। यूपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और यूपी भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े भी मौजूद रहे। शाह ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के सभागार में हुई बैठक में विधानसभा चुनाव के रोडमैप पर बात की। 2500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को यूपी में भाजपा की हैट्रिक लगाने का मंत्र दिया।