परिवहन विभाग की एमनेस्टी योजना लागू होने के बाद भी जिले के दुपहिया वाहन मालिक आरसी रिन्यू कराने के लिए परेशान हो रहे हैं। एमनेस्टी स्कीम में नवीनीकरण नहीं कराने वाले वाहनों के लिए परिवहन विभाग ने विशेष योजना लागू की। इसके उलट जिला परिवहन कार्यालय में विभागीय निर्देशों की अवहेलना करते हुए पिछले एक महीने से पुराने वाहनों के दस्तावेजों को ऑनलाइन करने का काम पूरी तरह ठप कर दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि यह काम किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण रुका हुआ नहीं है। बल्कि जिला परिवहन कार्यालय में तबादला सूची के इंतजार में मनमर्जी के कारण इसे रोका गया है। इसके चलते योजना का लाभ लेने के लिए हर दिन सैकड़ों दुपहिया वाहन मालिक डीटीओ कार्यालय के चक्कर लगाते हैं। लेकिन परिवहन विभाग के कार्मिक और एजेंट उन्हें वापस लौटा रहे हैं। इसमें दिलचस्प यह है कि बैकलॉग एंट्री का पूरा काम परिवहन कार्यालय स्तर पर ही होता है। ऑनलाइन पोर्टल पर इसे लेकर कोई सुविधा नहीं है। दूसरी ओर कार्यवाहक डीटीओ तबादला प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बैकलॉग एंट्री का काम शुरू होने की बात कह रहे हैं। विभाग में तबादलों की प्रक्रिया चल रही है। दो-तीन दिन में स्थिति साफ होने के बाद बैकलॉग एंट्री का काम शुरू हो जाएगा। परिवहन कार्यालय से इसके लिए रिक्वेस्ट बनाकर मुख्यालय भेजते हैं। वहां से अनुमति आती है। - रमेश कुमार यादव, कार्यवाहक डीटीओ जिले में 15 वर्ष से अधिक पुराने 8000 से ज्यादा वाहनों की पंजीकरण का नवीनीकरण होना है। इसमें सबसे ज्यादा संख्या दोपहिया वाहनों की बताई जा रही है। इन वाहनों की आरसी का तय समय पर नवीनीकरण नहीं हुआ। इनमें अधिकतर वाहनों का पंजीकरण ऑफ लाइन बना हुआ है। जिसके कारण से एमनेस्टी स्कीम में पेनल्टी और पंजीकरण राशि कम करने के बाद अधिकतर वाहन मालिक इनको रिन्यू कराने के लिए परेशान हो रहे है। परिवहन विभाग ने इसके लिए सितंबर की मियाद तय की है। ऐसे होती है 15 वर्ष पुराने वाहन की आरसी नवीनीकरण के लिए बैकलॉग एंट्री प्रक्रिया : 15 वर्ष पुराने वाहन की आरसी रिन्यू कराने के लिए वाहन पोर्टल पर वाहन िरकार्ड होना अनिवार्य है। पुराना रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध नहीं होने पर बैकलॉग एंट्री के लिए आवेदन करना होता है। जिसमें परिवहन विभाग अपने रिकार्ड की जांचकर ऑनलाइन करता है। ऑनलाइन अपडेट होने के बाद वाहन का निरीक्षण कराना होता है। 15 वर्ष पूरे कर चुके गैर परिवहन वाहन की आरसी 5 वर्ष के लिए नवीनीकृत होती है। तबादला सूची के बाद ही होगा काम, 7 दिन से यही जवाब देकर लौटा रहे हैं जिम्मेदार : बैकलॉग एंट्री करने वाला सूचना सहायक कार्यालय नहीं आ रहा है। इसके कारण वाहन मालिक कार्यवाहक डीटीओ के पास जाते हैं। वहां उन्हें प्रदेश में चल रहे तबादलों के बाद ही काम शुरू होने की बात कही जा रही है। वाहन मालिकों ने बताया कि बैकलॉग एंट्री के लिए परिवहन मुख्यालय से अनुमति आती है। लेकिन डीटीओ कार्यालय पुराने वाहनों की एंट्री दर्ज कर भेज नहीं रहा है। इसके कारण परिवहन मुख्यालय से अनुमति भी जारी नहीं हो रही है। परिवहन विभाग के नियम के अनुसार पुराने वाहनों का डेटा डिजिटल रिकॉर्ड वाहन पोर्टल पर उपलब्ध नहीं होता है। स्थानीय परिवहन कार्यालय दस्तावेजों के आधार पर बैकलॉग एंट्री के जरिए इसे ऑनलाइन करता है। इसके बिना वाहन की फिटनेस, टैक्स और आरसी रिन्युअल नहीं होती है। परिवहन कार्यालय में बैकलॉग एंट्री नहीं होने के कारण दुपहिया वाहनों और कृषि कार्य में लगे पुराने ट्रैक्टरों का नया रजिस्ट्रेशन नहीं बन पा रहा है। ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं होने से इन वाहनों का बीमा भी नहीं हो रहा है। बैकलॉग एंट्री के अटके आवेदनों में सबसे ज्यादा संख्या दुपहिया मोटरसाइकिल और ट्रैक्टरों की है। परिवहन विभाग ने पुराने वाहनों की आरसी रिन्यू करने और बकाया टैक्स में छूट के लिए विशेष योजना चला रखी है। लेकिन आरसी ऑनलाइन नहीं होने से वाहन मालिकों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। केस एक : जिले के मंडावा के दुपहिया वाहन मालिक रमेश कुमार पिछले 15 दिनों से डीटीओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। इनकी आरसी की वैधता 2025 में पूरी हो गई। स्कीम आने के बाद वे आरसी रिन्यू कराना चाहते हैं। लेकिन बैकलॉग एंट्री नहीं होने से न बीमा हो रहा है, न ही नई आरसी बन पा रही है। केस दो : शहर के कैलाशचंद्र ने 2006 में बाइक खरीदी थी। इसके बाद उन्होंने रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं कराया। एमनेस्टी स्कीम आने के बाद पिछले 20 दिनों से वे परिवहन कार्यालय जा रहे हैं। लेकिन बैकलॉग एंट्री नहीं हो रही है। इसके लिए उन्होंने एजेंट से संपर्क किया। डीटीओ ने अपने गांव के 3 केस पड़े होने की बात कहकर लौटा दिया।