अमृतसर में 15 साल की नाबालिग लड़की की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उसके मौसा ने भाई-बहन को जालंधर से अपने घर बुलाया, फिर चोरी का आरोप लगा लड़की को एक कमरे में बंद कर दिया। फिर उसने बाहर से दरवाजा बंद किया और लड़की को डंडों से जमकर पीटा। उसकी चीखें सुनकार भाई और मासी पहुंची और गेट खोलने को कहा, लेकिन आरोपी ने गेट नहीं खोला और लड़की को पीटता रहा, दो लोगों को भी उसने अदंर बुला लिया। पुलिस के अनुसार, पीटते-पीटते जब लड़की बेहोश हो गई, तो आरोपी ने दरवाजा खोला, तो लड़की नग्न हालत में कमरे में पड़ी थी। इसके बाद मौसी ने उसे कपड़े पहनाए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने आरोपी मौसा को 28 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया है। जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। जानिए कैसे हुई लड़की की हत्या पुलिस जांच में ये बातें सामने आईं भाई ने शिकायत दर्ज करवाई थी आलम विजय सिंह के अनुसार, 15 जुलाई को थाना गेट हकीमा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 और 351(3)(5) के तहत मामला दर्ज किया गया था। मृतका के भाई सूजल सहोता ने शिकायत दी थी कि उसकी बहन की उसके मौसा वनीत कुमार उर्फ सनी और उसके 2 साथियों ने बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। डंडा बरामद, 2 आरोपी फरार घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर जांच शुरू की और मुख्य आरोपी वनीत कुमार उर्फ सनी को गिरफ्तार कर लिया। वारदात में इस्तेमाल डंडा भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के दो अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पहले NDPS का केस दर्ज हो चुका पुलिस के अनुसार, आरोपी वनीत कुमार उर्फ सनी (36) 12वीं पास है, फाइनेंस का काम करता है और साल 2018 में उसके खिलाफ थाना सी-डिवीजन, अमृतसर में NDPS एक्ट के तहत भी मामला दर्ज हो चुका है। ************ ये खबर भी पढ़ें: लुधियाना में निहंग सिंह की बेरहमी से हत्या: गर्दन पर किरपान मारी, गुरुद्वारा साहिब के लंगर हॉल में विवाद; आरोपी हरियाणा का रहने वाला लुधियाना में बाहरला गुरुद्वारा साहिब में मीरी-पीरी दिवस के समागम के दौरान दो निहंग सिंहों के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। इस दौरान एक निहंग सिंह ने दूसरे पर दस्ती किरपान से हमला कर उसकी हत्या कर दी। मृतक की पहचान सोनू के रूप में हुई है। (पढ़ें पूरी खबर)