अणगौर गांव में गुरुवार दोपहर बाद अज्ञात कारणों से एक झोपड़ी में आग लग गई। इस घटना में झोपड़ी पूरी तरह जलकर खाक हो गई और उसमें रखा घरेलू सामान भी नष्ट हो गया। पास बंधी एक गाय बुरी तरह झुलस गई, जिसका इलाज शुरू कर दिया गया है। हालांकि, झोपड़ी में मौजूद बच्चे सुरक्षित रहे। जानकारी के अनुसार उपला खेड़ा निवासी केवला राम गरासिया अणगौर निवासी गणपत सिंह देवड़ा के खेत में रहकर खेती-बाड़ी का काम करते थे। इसके झोपड़ी बन रखी थी। गुरुवार दोपहर बाद अचानक झोपड़ी में आग लग गई। आग लगने से करीब 15 मिनट पहले केवला राम का बच्चा जोर-जोर से रोने लगा। परिजनों ने तुरंत बच्चों को साथ लिया और खेत की ओर चले गए, जिससे वे सुरक्षित बच गए। बताया गया कि झोपड़ी में चूल्हा भी नहीं जल रहा था, फिर भी आग लग गई। तेज हवा के कारण आग कुछ ही सेकंड में पूरी झोपड़ी में फैल गई और देखते ही देखते सब कुछ जलकर राख हो गया। झोपड़ी में रखा अनाज, घरेलू सामान और कपड़े सहित सब कुछ नष्ट हो गया। आग लगने की सूचना मिलते ही खेत मालिक गणपत सिंह देवड़ा मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत डॉक्टर को बुलाकर झुलसी हुई गाय का इलाज शुरू करवाया और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।