25 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय, पेंशन और सरकारी कर्मचारियों के समान सुविधाओं सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न ब्लॉकों से बड़ी संख्या में पहुंचीं महिलाओं ने धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं वर्षों से बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और पोषण योजनाओं के प्रभावी संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय पर काम करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान मानदेय से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है, जबकि जिम्मेदारियां लगातार बढ़ाई जा रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया जाए। इसके साथ ही सहायिकाओं के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन योजना लागू करने, सरकारी कर्मचारियों के समान सुविधाएं देने, एचआर भत्ते में बढ़ोतरी तथा अन्य लंबित मांगों का जल्द समाधान किया जाए। धरना समाप्त होने के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।