कोटा में ब्रज बिहारी सरकार के नाम से मशहूर अनिकेत महाराज ने कहा- मंदिरों से वीआईपी दर्शन बंद होने चाहिए। मंदिरों में गरीबों को भगा दिया जाता है या लोग खुद नहीं जाते। जबकि पैसे वाले लोगों को आसानी से दर्शन हो जाते हैं। उन्होंने कहा- मंदिरों में वीआईपी कल्चर सरकारों की वजह से है। उन्होंने कहा- सरकार मंदिर का संचालन बंद करे, संत और शंकराचार्य को उनकी जिम्मेदारी दें। मंदिरों को चलाने की जिम्मेदारी संतों की है। उन्होंने कहा- नॉनवेज और शराब की दुकानें पूरी तरह बंद होनी चाहिए। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के तीन दिन के कोटा दौरे को लेकर जानकारी देते हुए उन्होंने गुरुवार को कोटा में यह कहा। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती तीन दिन कोटा और आसपास क्षेत्रों में धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के ये रहेंगे कार्यक्रम अनिकेत महाराज ने कहा- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 10 अप्रैल को तड़के 2:30 बजे ग्राम मुसैन अटरू में पहुंचेंगे। इसके बाद 11 अप्रैल सुबह 10 बजे से आई.एल. कॉलोनी, विधायक कॉलोनी, रोड नंबर 6 और शाम को जगपुरा स्थित जागेश्वर बाकाजी मंदिर में पादुका पूजन एवं आशीर्वाद कार्यक्रम आयोजित होंगे। जगेश्वर बालाजी महाराज सेवा समिति, रामा गो धाम के सौजन्य से भूमि पूजन करवाया जाएगा। वहीं 12 अप्रैल को ओल्ड जवाहर नगर, बंदा धर्मपुरा, देवनारायण योजना, रानपुर, लखावा स्थित वानप्रस्थ आश्रम, श्रीनाथपुरम और तीन बत्ती क्षेत्रों में पूजन कार्यक्रम रहेगा। आयोजन समिति के अनुसार- शंकराचार्य के इस प्रवास का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति का संरक्षण, गो-सेवा का प्रचार और जन-जन में धार्मिक चेतना का संचार करना है।