भास्कर न्यूज| धौलपुर विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर पशु विज्ञान केन्द्र की ओर से गांव सेमर का पुरा में पशु स्वास्थ्य जांच एवं पशुपालक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पशुओं की बीमारियों से बचाव और आधुनिक पशुपालन के तरीकों की जानकारी देकर जागरूक किया गया। केन्द्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. योगेन्द्र कुमार मीणा ने पशुपालकों को रेबीज, एंथ्रेक्स,बर्ड फ्लू,क्षय रोग,स्वाइन फ्लू, ब्रूसेलोसिस और टॉक्सोप्लास्मोसिस जैसे पशुजन्य रोगों के लक्षणों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय में संपर्क करना चाहिए। डॉ. मीणा ने संक्रमण से बचाव के लिए पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने,पशुशाला की नियमित सफाई रखने और कीटाणुनाशक का छिड़काव करने की सलाह दी। उन्होंने पशुओं के मल-मूत्र का सही निस्तारण करने और उनके संपर्क के बाद हाथ धोने जैसी सावधानियां अपनाने को भी जरूरी बताया। शिविर के दौरान करीब 20 पशुओं का टीकाकरण, कृमिनाशक उपचार और सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। प्रशिक्षण सत्र में पशुपालकों को राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी भी दी गई। डॉ. मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत दुधारू पशुओं का बीमा किया जाता है,जबकि राजस्थान पशुधन निःशुल्क आरोग्य योजना के तहत पशु चिकित्सालयों में मुफ्त दवाएं और उपचार उपलब्ध कराया जाता है।