भास्कर न्यूज | टोंक अरनिया केदार गांव की गुमनाम जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री कर हड़पने के मामले में कोतवाली थाने में दर्ज प्रकरण में पुलिस अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। वही कई लोग अभी भी पुलिस पकड़ से दूर है। इसमें से कुछ की तरफ से न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए दायर याचिका को कोर्ट ने नामंजूर कर दिया है। क मलेश चौधरी, राहुल व दीपक सहित अन्य आरोपियों की ओर से अग्रिम जमानत की याचिका लगाई गई थी। थानाधिकारी भंवरलाल वैष्णव ने बताया कि अरनिया केदार में खसरा नंबर 88 की 20 बीघा और खसरा नंबर 1031 की 10 बीघा जमीन पर कुल पांच फर्जी रजिस्ट्रियां कर जमीन हड़पने का मामला सामने आया था। जिसके बाद 4 सितंबर 2024 को तत्कालीन तहसीलदार ने कोतवाली थाने में 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। विदित रहे कोतवाल पुलिस फर्जी रजिस्ट्री के इस मामले में एक पखवाड़े पूर्व टोंक के नोशेमिया का पुल निवासी, हाल झोटवाड़ा (जयपुर) निवासी बिलालुद्दीन उर्फ बिलाल पुत्र जहीरुद्दीन को जयपुर से गिरफ्तार कर लाई थी। बिलाल से पहले पिछले साल 19 मार्च को ब्रह्मपुरी (जयपुर) गांधी नगर निवासी ओमप्रकाश पुत्र जारोमल सिंधी और उसके दो माह बाद 18 मई को हीरापथ (जयपुर) मानसरोवर निवासी 72 वर्षीय शोभाराम उर्फ मामा नकली (नाथूमल सिंधी) और टोंक के छोटा तख्ता निवासी 56 वर्षीय नत्थू सिंधी को गिरफ्तार किया था। अब तक इस प्रकरण में चार आरोपियों को पकड़ा जा चुका है।