बारां | जिले में मानसून की शुरूआत के साथ सर्पदंश के मामले सामने आने की संभावना को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने आमजन से जागरूक व सतर्क रहने की अपील की है। ताकि समय रहते सर्पदंश वाले व्यक्ति की जान बचाई जा सके। क्योंकि बारिश के मौसम में बहता हुआ पानी बिलों और निचले इलाकों में पहुंचता है। इससे सर्प व अन्य जीव बाहर आ जाते हैं। इस दौरान मनुष्य के संपर्क में आने पर सर्पदंश की घटनाएं होती हैं। सीएमएचओ डॉ. जगदीश कुशवाह ने बताया कि सर्पदंश के बाद समय पर उपचार नहीं मिलने से पीड़ित की मौत हो सकती है। सर्पदंश की स्थिति में 30 मिनट से एक घंटे का समय महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान पीड़ित अस्पताल पहुंच जाए और उचित चिकित्सा मिल जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। सर्पदंश के पीड़ित को तुरंत नजदीकी पीएचसी, सीएचसी या अस्पताल लेकर पहुंचे। झाड़-फूंक, टोटका या अन्य अंधविश्वासों में नहीं पड़ना चाहिए। सर्पदंश के मामलों में उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप जिला अस्पताल, जिला अस्पताल में विष रोधी इंजेक्शन (एंटी स्नैक वेनम) पर्याप्त मात्रा उपलब्ध करवा दिए गए हैं। इनसे पूरी तरह से उपचार संभव है। सर्पदंश की परिस्थिति में सबसे पहले नजदीकी चिकित्सा केंद्र पर पहुंच कर चिकित्सक से परामर्श लें। जिससे सही समय पर उपचार किया जा सके।