कोटा की ‘गोल्डन गर्ल’ अरुंधती चौधरी ने एशियन मुक्केबाजी में गोल्ड मेडल जीता है। 70 किलोग्राम भार वर्ग में खेले गए इस मुकाबले में अरुंधती ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उनके सधे हुए पंच और शानदार फुटवर्क से प्रतिद्वंदी को संभलने का मौका ही नहीं दिया। एकतरफा मैच में 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हर राउंड में रहा दबदबा कोच अशोक गौतम ने बताया कि मंगोलिया में एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप का आज फाइनल मुकाबला था। कजाकिस्तान की बॉक्सर बख्येत सेईदिश और अरुंधती आमने-सामने थी। हर राउंड में अरुंधती का दबदबा साफ नजर आया। सिर्फ एक राउंड में पीछे रही और 4-1 से हराकर मेडल अपने नाम किया। जीत के बाद अरुंधती ने मैदान में तिरंगा लहराया। अरुंधती ने अपने प्रदर्शन से न सिर्फ उम्मीदों पर खरा उतरते हुए इतिहास रचा, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि वह भारतीय मुक्केबाजी की उभरती हुई सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हैं। कोटा की महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी से अपने करियर की शुरुआत करने वाली अरुंधती आज भारतीय सेना की टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी जीत चुकी गोल्ड यह जीत उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। अरुंधती इससे पहले भी जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड और बुल्गारिया में आयोजित स्ट्रैंड्जा मेमोरियल में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। उनके नाम अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई स्वर्ण पदक दर्ज हो चुके हैं। इस ऐतिहासिक जीत के बाद कोटा में जश्न का माहौल है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। कोटा बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष पिता सुरेश चौधरी और माता सुनीता चौधरी ने बेटी की सफलता पर गर्व जताया है। परिवार और खेल जगत से जुड़े लोगों को अब उम्मीद है कि अरुंधती का अगला लक्ष्य ओलिंपिक में पदक जीतना होगा।