डूंगरपुर के आसेला गांव में गुरुवार को गणगौर पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने गणगौर माता की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और पति की लंबी उम्र की कामना की। सुबह से ही गांव में उत्सव का माहौल था। महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर गणगौर माता की पूजा की। वे स्कूल प्रांगण में एकत्रित हुईं, जहां उन्होंने मिट्टी से बनी गणगौर माता की प्रतिमाओं को सजाया और सिर पर धारण कर विधिवत पूजा संपन्न की। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट दांपत्य प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इसी मान्यता के चलते सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखा। पूजा के बाद गांव में पारंपरिक गीतों के साथ एक शोभायात्रा निकाली गई। महिलाएं मंगल गीत गाते हुए तालाब तक पहुंचीं, जहां उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना की और प्रतिमाओं की परिक्रमा की। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति और उत्साह का वातावरण रहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे उपस्थित थे। यह पर्व ग्रामीण संस्कृति, परंपरा और महिलाओं की आस्था का प्रतीक बना।