आज संविधान को कमजोर करने और बदलने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा संविधान विरोधी मानसिकता के साथ काम कर रही है। यह कहना है पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का। गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं और जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं, ताकि सभी वर्गों को उनकी हिस्सेदारी के अनुसार अधिकार मिल सकें। सरकार और भाजपा पर बोला हमला पूर्व सीएम ने यह बात मंगलवार को डीडवाना दौरे पर कही। इस दौरान उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। गहलोत ने राज्य सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था कमजोर हुई है, अपराध बढ़ रहे हैं और आमजन की सुनवाई नहीं हो रही है। 'सरकार टाल रही है निकाया और पंचायत चुनाव' गहलोत ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया गया है, जिससे आम जनता को नुकसान हो रहा है। निकाय और पंचायत चुनावों का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के अनुसार समय पर चुनाव होना जरूरी है, लेकिन वर्तमान सरकार चुनाव टाल रही है। उन्होंने इसे संविधान के विपरीत बताया और संवैधानिक संस्थाओं से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। अंबेडकर को भारतीय संविधान का शिल्पकार बताया गहलोत ने डीडवाना में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस दौरान गहलोत ने अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें भारतीय संविधान का शिल्पकार बताया। गहलोत ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से देश में भेदभाव और छुआछूत जैसी कुरीतियों को समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने सभी वर्गों को समान अधिकार दिलाए, जिससे हर नागरिक को सुरक्षा कवच मिला और भारत में मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित हुई। लोगों से जागरूक रहने का आह्वान पूर्व सीएम इस बात पर भी जोर दिया कि बाबा साहेब द्वारा दिए गए आरक्षण प्रावधानों के कारण ही आज दलित, पिछड़े और आदिवासी वर्ग के लोग उच्च पदों तक पहुंच पाए हैं। गहलोत ने छुआछूत को मानवता के लिए सबसे बड़ा कलंक बताते हुए कहा कि इसे समाप्त करने में संविधान की महत्वपूर्ण भूमिका है। गहलोत ने लोगों से संविधान की रक्षा के लिए जागरूक रहने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।