बाप के महात्मा गांधी राजकीय स्कूल, मालियों का बास में तीन दिवसीय जीवन कौशल प्रशिक्षण संपन्न हुआ। स्वयंसेवी संस्था 'दूसरा दशक' के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसका उद्देश्य छात्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, नशामुक्ति और नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशल विकसित करना था। नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी प्रशिक्षण में छात्रों को गतिविधियों और समूह कार्यों के माध्यम से स्वच्छता, स्वास्थ्य, पोषण, नशे के दुष्प्रभाव और संगठन निर्माण की व्यावहारिक जानकारी दी गई। संस्था की समन्वयक प्रीति राठौड़ ने हाथ धोने की गतिविधि से स्वच्छता का महत्व समझाया और स्वस्थ जीवनशैली के उपाय बताए। जैना खातू, सिद्धी, राणीदान, सीमा, फातमा और फारूखा जैसे छात्रों ने समूह कार्यों का प्रस्तुतीकरण कर अपने अनुभव साझा किए। नशामुक्ति सत्र में इकबाल मेहर ने समाचार कटिंग और चित्रों के जरिए नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नशे पर होने वाला अनावश्यक खर्च कैसे परिवार और समाज पर आर्थिक बोझ बनता है। हनुमान, असकर, विष्णु, आरेशा और सहीराम ने ग्रामीण क्षेत्रों में नशे से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। इस सत्र से प्रेरित होकर सभी छात्रों ने जीवनभर किसी भी प्रकार का नशा न करने का सामूहिक संकल्प लिया। पोषण वाटिका विकसित करने के लिए किया प्रेरित शोभा चौधरी ने संतुलित पोषण और किचन गार्डन की उपयोगिता पर जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को अपने घर और स्कूल में पोषण वाटिका विकसित करने के लिए प्रेरित किया। ममता लोहार ने बाप में संचालित लर्निंग सेंटर की जानकारी देते हुए छात्रों से नियमित रूप से अध्ययन गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया। प्राचार्य माणक लाल पालीवाल ने 'दूसरा दशक' संस्था का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे जीवन कौशल प्रशिक्षण छात्रों की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। शिक्षक राधेश्याम सोनी ने छात्रों से प्रशिक्षण में मिली सीख को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम के संचालन में हुकम सिंह, चंद्रशेखर, दिनेश पालीवाल, ओमप्रकाश, अंजलि, जीतकंवर, रेखा माली, धापू सारण सहित स्कूल स्टाफ का सक्रिय सहयोग रहा।