चार महीने पहले ज्योतिषी ने चेताया था ‘संकट आने वाला है।’ बचने का उपाय पूछा तो सोना-चांदी और तांबे की अंगूठी पहनने की सलाह मिली। नगर निगम के कम्प्यूटर ऑपरेटर राकेश कुमार चौधरी ने तीनों अंगूठियां पहन भी लीं, लेकिन रिश्वत का खेल नहीं छोड़ा। नतीजा, मैरिज सर्टिफिकेट बनाने की एवज में 12,500 रुपए की रिश्वत लेते एसीबी ने उसे और जन्म-मृत्यु-विवाह पंजीयन रजिस्ट्रार विक्रम सिंह बारेठ को ट्रैप कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में राकेश ने कबूल किया कि वह हर मैरिज सर्टिफिकेट के बदले शादी कराने वाले पुरोहितों से दो से तीन हजार रुपए लेता था। एक दिन में पांच से छह शादियों के सर्टिफिकेट जारी होते थे। एसीबी को राकेश के मोबाइल में पंजीयन अधिकारी विक्रम सिंह से लेन-देन की चैट भी मिली है। साहब, गरीब लोग शादी करवाने आते हैं... रकम कम करवा दीजिए ट्रैप कार्रवाई से पहले पुरोहित रजिस्ट्रार विक्रम सिंह से मिला। उसने कहा कि मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के नाम पर ली जा रही रिश्वत बहुत ज्यादा है। नीचे कर्मचारी पहले ही पैसे ले लेते हैं। गरीब लोग शादी करवाने आते हैं, वे इतनी राशि देने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए रकम कम करवा दीजिए। इस पर रजिस्ट्रार ने पूछा कि उसकी बात किससे होती है। पुरोहित ने राकेश कुमार का नाम बताया। रजिस्ट्रार ने भरोसा दिलाया कि शाम तक राकेश का फोन आ जाएगा और राशि इतनी कम कर दी जाएगी कि दोबारा कहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। शाम को राकेश का फोन आया। उसने कहा कि अब तक जारी हुए सभी सर्टिफिकेट के ढाई-ढाई हजार रुपए प्रति सर्टिफिकेट देने होंगे। आगे से प्रति सर्टिफिकेट एक हजार रुपए देने होंगे। रजिस्ट्रार ने चैट डिलीट की, राकेश के मोबाइल ने पूरा राज खोल दिया जांच के दौरान पंजीयन रजिस्ट्रार एवं सांख्यिकी अधिकारी विक्रम सिंह ने अपने मोबाइल से राकेश के साथ हुई लेन-देन की पूरी चैट डिलीट कर दी थी, लेकिन एसीबी ने जब राकेश के दो मोबाइल खंगाले तो विक्रम सिंह के साथ लेन-देन का ब्योरा मिल गया। रिश्वत की राशि फोन-पे और पेटीएम से ली जाती थी। भुगतान के स्क्रीन शॉट वाट्सएप पर साझा किए जाते थे। पूछताछ में विक्रम सिंह ने पहले कहा कि राकेश उनके यहां कर्मचारी ही नहीं है और करीब डेढ़ महीने पहले नौकरी छोड़ चुका है, लेकिन राकेश के मोबाइल से मिले रिकॉर्ड ने इस दावे की पोल खोल दी। इसके बाद एसीबी ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने 7 जुलाई को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।