बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने दूसरी गिरफ्तारी कर ली है। शुक्रवार को बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के पूर्व टेंपल अधिकारी एवं तत्कालीन थाली भेंट गणना प्रभारी राजेंद्र सिंह चौहान को ज्योतिर्मठ से गिरफ्तार किया गया। चौहान 30 जून को ही अपने पद से सेवानिवृत्त हुए थे। गिरफ्तारी से पहले उनसे करीब चार घंटे तक पूछताछ की गई। इससे पहले BKTC के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को 12 जुलाई को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान मिले CCTV फुटेज, गवाहों के बयान, दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों में राजेंद्र चौहान की भूमिका सामने आई है। SIT के मुताबिक, उन्होंने प्रमोद नौटियाल के साथ मिलकर थाली भेंट की गणना के दौरान प्राप्त नकदी और अन्य दान सामग्री का कुछ हिस्सा अपने कब्जे में लिया। मामले में अब तक कुल तीन लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। प्रमोद नौटियाल और राजेंद्र सिंह चौहान की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दान गणना के खजांची संदेश मेहता को पद से हटाया जा चुका है। वहीं, BKTC की चार सदस्यीय जांच समिति अपनी 18 पेज की रिपोर्ट समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को सौंप चुकी है। रिपोर्ट में चढ़ावा गणना और सुरक्षा व्यवस्था में कई बड़े बदलाव सुझाए गए हैं। रिटायरमेंट के 17 दिन बाद गिरफ्तारी राजेंद्र सिंह चौहान 30 जून को BKTC में टेंपल अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। चढ़ावा मामले की जांच शुरू होने के बाद से ही वह SIT के रडार पर थे। जांच टीम ने उनसे कई दौर की पूछताछ की और शुक्रवार को एक बार फिर बद्रीनाथ थाने बुलाया। करीब चार घंटे तक चली पूछताछ के दौरान उनके बयानों का मिलान CCTV फुटेज, चढ़ावा गणना से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य कर्मचारियों के बयानों से किया गया। CCTV में नोटों की गड्डियां और आभूषण जेब में रखने का दावा पुलिस के अनुसार, मंदिर के पास ही बने थाली भेंट गणना कक्ष की CCTV फुटेज को बारीकी से देखा गया। जांच में 22 जून, 25 जून और 29 जून 2026 की फुटेज में राजेंद्र चौहान कई बार 500 रुपए के नोटों की गड्डियां, दान सामग्री और आभूषण अपनी जेब में रखते दिखाई दिए। SIT का दावा है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर उनकी भूमिका स्पष्ट हुई। इसके बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2)(क) भी जोड़ी गई और उन्हें सह-अभियुक्त बनाया गया। प्रमोद नौटियाल के साथ मिलकर हेराफेरी का आरोप पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि राजेंद्र चौहान और प्रमोद नौटियाल ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत थाली भेंट की गणना के दौरान प्राप्त धनराशि और अन्य दान सामग्री का कुछ हिस्सा अपने कब्जे में लिया। प्रमोद नौटियाल को 12 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। सूत्रों के अनुसार, SIT दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर आमने-सामने पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित हेराफेरी में और कौन-कौन शामिल था। तीन और संदिग्धों से पूछताछ, बाहरी व्यक्ति भी जांच के दायरे में राजेंद्र सिंह चौहान की गिरफ्तारी के साथ ही SIT ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। टीम तीन अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ कर रही है। इनमें कुछ ऐसे लोग शामिल हैं, जो चढ़ावा गणना के दौरान किसी न किसी रूप में मौजूद थे। जांच एजेंसी उनके बयानों का मिलान उपलब्ध दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, जेपी कंपनी से जुड़ा एक व्यक्ति भी SIT की जांच के दायरे में है। वह बद्रीनाथ धाम में अलकनंदा नदी का जलस्तर मापने का काम करता था और यात्रा अवधि के दौरान सेवा कार्यों में भी शामिल रहा। बताया जा रहा है कि वह 22 जून, 25 जून, 28 जून और 2 जुलाई को चढ़ावा गणना के दौरान मौजूद था। CCTV फुटेज में उसके सिक्कों की छंटाई करते हुए दिखाई देने का दावा किया गया है। अब SIT यह पता लगा रही है कि उसे चढ़ावा कक्ष में प्रवेश किस आधार पर मिला और उसकी भूमिका क्या थी। 18 पेज की रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर इस बीच, BKTC की चार सदस्यीय आंतरिक जांच समिति ने अपनी 18 पेज की रिपोर्ट समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को सौंप दी है। रिपोर्ट में चढ़ावा कक्ष की कार्यप्रणाली, कर्मचारियों की ड्यूटी व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, CCTV निगरानी और चढ़ावे के रखरखाव की समीक्षा की गई है। समिति ने कर्मचारियों के लिए एक समान ड्रेस कोड, अनिवार्य पहचान पत्र, चढ़ावा कक्ष में नियंत्रित प्रवेश, CCTV निगरानी मजबूत करने, ड्यूटी के स्पष्ट मानक तय करने और चढ़ावे की गणना व रखरखाव की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की सिफारिश की है। समिति का मानना है कि इन सुझावों को लागू करने से भविष्य में इस तरह की घटनाओं की आशंका कम होगी। 2 जुलाई को सामने आया था मामला 2 जुलाई को बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा गणना के दौरान कथित हेराफेरी का मामला सामने आया था। सबसे पहले भैरव सेना के अध्यक्ष संदीप खत्री ने इसकी शिकायत की थी। इसके बाद BKTC ने आंतरिक जांच शुरू की, प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। बाद में पुलिस ने SIT गठित की और शासन ने भी गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति बनाई। अब तक इस मामले में कई स्तरों पर जांच जारी है और जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं।