बाली पंचायत समिति की भीटवाड़ा-टीपरी ग्राम पंचायत में पंचायती राज चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन का मामला सामने आया हैं। ग्रामीणों ने सोमवार को जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. रविंद्र गोस्वामी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में एक सरपंच प्रत्याशी की ओर से मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए कथित तौर पर स्कूटी, साइकिल, नकदी, नशीले पदार्थ और खाद्य सामग्री जैसी चीजे दी जा रही हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सामान नहीं लेने पर वोटर्स को डराया-धमकाया भी जा रहा है। ग्रामीणों ने इसे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान की भावना के विपरीत बताते हुए निर्वाचन नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की। कैमरे लगाकर निगरानी करने का भी आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया कि गांव में निजी स्तर पर कैमरे लगाकर ग्रामीणों और मतदाताओं पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा, बाहरी लोगों को बुलाकर मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास किए जाने की बात भी कही गई। ग्रामीणों ने इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है। तालाब के बहाव क्षेत्र में बाधा डालने का आरोप ज्ञापन में गांव के तालाब पर अतिक्रमण कर उसके बहाव क्षेत्र को बाधित करने का मुद्दा भी उठाया गया। इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं जनजाति के गरीब परिवारों की जमीनों पर कब्जा करने और पक्की दीवार बनाने के आरोप लगाए गए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इन मामलों में कार्रवाई लंबित होने के बावजूद अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई करने और संबंधित प्रत्याशी को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला पुलिस अधीक्षक, राजस्थान निर्वाचन आयोग जयपुर, राजस्थान के मुख्य सचिव को भी भेजी गई है।